
कोटा-रावतभाटा। मध्यप्रदेश और राजस्थान में रविवार को भी भारी बारिश का दौर जारी रहा। मध्यप्रदेश में चम्बल व अन्य सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। चम्बल नदी में पानी की जोरदार आवक के चलते सबसे बड़े गांधी सागर बांध में एक ही दिन में 8 फीट पानी आ गया। शनिवार सुबह 8.30 बजे तक गांधी सागर का लेवल 1301.61 फीट था, जो रविवार शाम 5.30 बजे तक 1309.28 फीट हो गया। इसके चलते रात को 12 गेट खोलकर 2 लाख 35 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
गांधी सागर में कैचमेंट एरिया में 4 लाख 16 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। कोटा के जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता भारतरत्न गौड़ ने बताया कि राणा प्रताप सागर बांध में सोमवार सुबह 8.30 बजे तक गेट खोलने की संभावना है। इसके चलते अलर्ट जारी कर दिया है। राणा प्रताप सागर बांध का पानी जवाहर सागर व कोटा बैराज से होकर निकाला जाएगा। इसके चलते कोटा से धौलपुर तक अलर्ट जारी कर दिया है। निचले इलाकों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कोटा बैराज का एक गेट खोलकर 25 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। झालावाड़ जिले में हो रही लगातार बारिश से कालीसिंध बांध के 5 गेट 4 मीटर खोलकर 73185 क्यूसेक तथा भीमसागर बांध का एक गेट खोलकर 800 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही।
जिले के आठों उपखण्डों में बारिश
बारां शहर में हल्की बरसात हुई। बीते 24 घंटों में 8 उपखण्डों में मामूली बरसात दर्ज की गई। बारां में 3, अन्ता में 6, मांगरोल में एक, छबड़ा में 5, छीपाबड़ौद में 4, शाहाबाद में 2, किशनगंज में 2 एमएम बरसात हुई। वहीं, जलवाड़ा के समीप मप्र में जोरदार बारिश होने से पार्वती नदी उफन गई। इससे स्टेट हाइवे जलवाड़ा-बराना मार्ग बंद हो गया। रविवार शाम को पुलिया पर 3 फीट पानी था।
हाड़ौती की नदियां उफान पर, रास्ते बंद
हाड़ौती अंचल में लगातार हो रही बारिश से चम्बल, कालीसिंध, आहू, पार्वती, उजाड़ समेत अन्य नदियां उफान पर आ गई। इसके चलते कई रास्ते बंद हो गए। कोटा में रविवार को भी तेज बारिश का दौर जारी रहा। सुबह बादल छाए रहे। 11 बजे से आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। उसके बाद दोपहर 2.30 बजे वापस तेज बारिश का दौर चला, जो दोपहर 3.30 बजे तक चला। बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया। कई लोग पर्यटन स्थलों पर पहुंचे। मौसम विभाग के अनुसार, कोटा में शनिवार रात को 11.3 एमएम तथा रविवार को 6.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। चम्बल में उफान आने से जिले के इटावा-खातौली-सवाईमाधोपुर मार्ग पर आवागमन बंद रहा। झरैर के बालाजी के पास चम्बल पुलिया पर 7 फीट की चादर चल रही।
झालावाड़ जिले में लगातार हो रही बारिश से कालीसिंध व आहू नदी उफान पर होने से दोनों तरफ की पुलिया पर पानी आ गया। ऐसे में दिनभर गागरोन की तरफ जाने वाला मार्ग बंद रहा। वहीं आधा दर्जन गांवों के लोगों का भी संपर्क कटा रहा। जिले में रविवार शाम तक डग, गंगधार में एक-एक, मनोहरथाना, पचपहाड़ में दो-दो एमएम बारिश हुई। वहीं 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश गंगधार में 50, झालावाड़ में 6.6, रायपुर में 5, अकलेरा में 9, असनावर में 3, बकानी में 4, डग में 9, झालरापाटन में 8, खानपुर में 2, मनोहरथाना में 4, पचपहाड़ में 6, पिड़ावा में 8, सुनेल में 7 एमएम बारिश दर्ज की गई। भीमसागर में उजाड़ नदी की पुलिया बह जाने से बराणा व रतनपुरा गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया। लगातार बारिश से फसलें खराब होने लग गई हैं।
रुक-रुक कर गिरती रही फुहारें
बूंदी शहर में सुबह होते ही रिमझिम बरसात का दौर शुरू हुआ। दोपहर साढ़े तीन बजे से फिर से फुहारें शुरू हुई, जो साढ़े पांच बजे तक चलती रही। वहीं, खटकड़, केशवरायपाटन, नोताड़ा, रामगंजबालाजी सहित कई जगहों पर रिमझिम बारिश हुई। के.पाटन में बीस मिनट तेज बारिश होने से पानी सडक़ों पर बह निकला। किसानों ने बताया कि खेतों में कटकर पड़ी उड़द, मूंग और मक्का जैसी फसलों को थ्रेसर से निकलवाने का मौका नहीं मिल पा रहा। कटी पड़ी फसलों को सुखाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार बरसात से फसलें भीग रही हैं, जिससे फसल खराब होने की किसानों को चिंता सता रही है।
Published on:
18 Sept 2023 04:56 pm
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