
लोन की मोरिटोरियम अवधि नहीं बढ़ाई तो कोटा के हॉस्टल संचालक मांगेंगे इच्छा मृत्यु
कोटा. एक सितम्बर को समाप्त होने जा रही लोन की मोरिटोरियम अवधि को लेकर कोटा के हॉस्टल संचालकों की संयुक्त बैठक राजीव गांधी नगर स्थित सत्येश्वर महादेव मंदिर में हुई। बैठक में कोटा हॉस्टल एसोसिएशन, चम्बल हॉस्टल एसोसिएशन एवं कोरल हॉस्टल एसोसिएशन के सदस्यों ने सर्वसम्मति से कोटा हॉस्टल संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि शुक्रवार सुबह 10 बजे जिला कलक्टर से मुलाकात कर मोरिटोरियम अवधि मार्च 2021 तक स्थगित करने की मांग की जाएगी। मांग पूरी नहीं होने पर हॉस्टल संचालकों द्वारा सरकार से इच्छामृत्यु की मांग के साथ ही एक बड़ा जनआंदोलन का ऐलान किया जाएगा।
बैठक में चम्बल हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष शुभम अग्रवाल, कोटा हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल, महासचिव पंकज जैन, कोरल हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, वीरेन्द्र पांड्या ने संयुक्त रूप से कहा कि कोटा के हॉस्टल संचालक अपने लोन की किस्त चुकाने में असमर्थ हैं। यदि जिला प्रशासन ने बैंकों की बैठक लेकर मोरिटोरियम अवधि को मार्च 2021 तक के लिए आगे नहीं बढ़वाया तो हम सभी मिलकर इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि यदि हॉस्टल इण्डस्टी को नहीं देखेंगे तो ये बहुत दुर्भाग्य की बात है। कोटा में कोचिंग बंद हैं और हॉस्टल व्यवसायियों के पास पिछले करीब आठ महीनों से कोई आवक नहीं हो रही है। अब दैनिक खर्च चलाने में भी उन्हें परेशानी हो रही है। वे स्टाफ की तनख्वाह नहीं दे पा रहे है। ऐसे में बैंक की किस्त कहां से देंगे। उन्होंने कहा कि तीन किस्त लगातार नहीं गई तो बैंक डिफाल्टर घोषित कर हमारी प्रोपर्टी को कोडिय़ों के दाम पर नीलाम कर देंगे।
इस संघर्ष समिति द्वारा कोचिंग बंद होने से जो भी व्यवसाय प्रभावित हुए हैं, वे सभी शामिल होंगे। बैठक में कोटा हॉस्टल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गजेन्द्र यादव, पवन मूंदड़ा, सुरेश बिरला, अभिषेक मित्तल, संजय निझावन समेत अन्य ने भी सुझाव रखे।
Published on:
27 Aug 2020 09:36 pm
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