कठिन रही बॉयलोजी, फिजिक्स आसान

इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स की ओर से विभिन्न विषयों के इंटरनेशनल ओलम्पियाड के प्रथम चरण की परीक्षा नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन (एनएसई) रविवार को आयोजित की गई।

By: Suraksha Rajora

Published: 25 Nov 2018, 09:44 PM IST

 

कोटा. इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स की ओर से विभिन्न विषयों के इंटरनेशनल ओलम्पियाड के प्रथम चरण की परीक्षा नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन (एनएसई) रविवार को आयोजित की गई। फिजिक्स, कैमेस्ट्री, बॉयलोजी व एस्ट्रोनोमी की परीक्षा हुई। चार चरणों में होने वाले अन्तरराष्ट्रीय स्तर के ओलम्पियाड का यह पहला चरण था।

 

जिसमें कोटा में 9 परीक्षा केन्द्रों पर दो पारियों में परीक्षा हुई। फि जिक्स की परीक्षा सुबह 8.30 से 10.30, कैमेस्ट्री सुबह 11 से दोपहर 1 बजे, बॉयलोजी दोपहर 2 से शाम 4 बजे तथा एस्ट्रोनोमी की परीक्षा दोपहर 1.30 से 3.30 बजे तक हुई।

 


एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के पीएनसीएफ विभाग प्रमुख व एक्सपर्ट अमित गुप्ता ने बताया कि ओलम्पियाड परीक्षाओं के पहले चरण में सभी प्रश्न बहुविकल्पी और ऋणात्मक मूल्यांकन के थे। तुलनात्मक रूप से सभी परीक्षाओं में बॉयलोजी के पेपर को कठिन कहा जा सकता है। एस्ट्रोनोमी की परीक्षा एडवांस कॉन्सेप्ट पर आधारित थी। वहीं केमेस्ट्री और फिजिक्स आसान रही। अगले चरण की परीक्षा में पूरे देश से श्रेष्ठ 300 विद्यार्थियों का चयन वरीयता के आधार पर किया जाएगा।


- फि जिक्स

फिजिक्स की परीक्षा में एडवांस कॉन्सेप्ट पर 15 प्रतिशत प्रश्न एनसीईआरटी से थे। 15 प्रतिशत एनसीईआरटी फंडामेंटल, 45 प्रतिशत एडवांस न्यूमेरिकल एप्लीकेशन, 40 प्रतिशत सांइटिफि क थ्योरी पर आधारित थे। 60 प्रश्न एमसीक्यू तथा 10 प्रश्न एक से अधिक विकल्प वाले थे। जिनमें ऋणात्मक मूल्यांकन नहीं था। 11वीं व 12वीं के प्रश्न समान संख्या में थे।

- केमेस्ट्री


सभी 80 प्रश्न एमसीक्यू आधारित थे। फिजिकल केमेस्ट्री से 43 प्रतिशत, इनआर्गेनिक केमेस्ट्री से 25 प्रतिशत, आर्गेनिक से 32 प्रतिशत प्रश्न रहे। केमिकल बॉंडिंग के एक सवाल में दो जवाब सही थे। 3 प्रश्नों का अनुवाद अलग होने के कारण विद्यार्थी असमंजस में थे।


- एस्ट्रोनोमी

सभी 80 प्रश्न एमसीक्यू के थे। 10 प्रतिशत एस्ट्रो फिजिक्स, 48 प्रतिशत फिजिक्स, 42 प्रतिशत मैथ्स से रहे। सभी प्रश्न एनसीईआरटी कॉन्सेप्ट पर आधारित थे।

- बॉयलोजी
परीक्षा कठिन थी। 12 प्रतिशन प्रश्न ही एनसीईआरटी पर आधारित थे। सभी 80 प्रश्न एमसीक्यू पर आधारित थे। 11वीं व 12वीं के सवाल समान संख्या में थे। जेनेटिक्स, इकोलॉजी, एनीमल फिजिक्स के सवाल एडवांस कॉन्सेप्ट पर आधारित थे।


बोनस अंक की संभावना

रेजोनेंस के संस्थापक और प्रबंध निदेशक आरके वर्मा ने बताया कि उनकी टीम ने साइंस ओलम्पियाड्स के पहले चरण की इस परीक्षा के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण किया। भौतिक विज्ञान के 35 प्रश्न आसान, 26 सामान्य, 9 प्रश्न कठिन रहे। 2 प्रश्न ऐसे रहे जिनमें विद्यार्थियों के लिए बोनस अंक की संभावना है। रसायन विज्ञान में 21 प्रश्न आसान, 43 प्रश्न सामान्य एवं 16 प्रश्न कठिन रहे। परीक्षा का परिणाम दिसम्बर माह में आएगा। दूसरे चरण की परीक्षा अगले वर्ष जनवरी के अंतिम सप्ताह में होगी। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रश्न पत्र हल सहित उत्तर तालिका रेजोनेंस की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

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