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भारत का यह दोस्त अब..हाड़ौती के बागवानों की बढ़ाएगा आमदनी

दो दिवसीय प्रगतिशील किसान, अधिकारी प्रशिक्षण शिविर, इंडो-इजराइल तकनीक से नींबू वर्गीय फलों का बेहतर उत्पादन होगा संभव
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भारत का यह दोस्त अब..हाड़ौती के बागवानों की भी आमदनी बढ़ाएगा

कोटा . इंडो-इजराइल तकनीक से नींबू वर्गीय फलों के बेहतर उत्पादन के लिए किसानों व कृषि उद्यानिकी अधिकारियों, वैज्ञानिकों के लिए बूंदी रोड स्थित संतरा उत्कृष्ठता केंद्र (सीओई) में दो दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हुआ। यहां नींबू वर्गीय फलों के लिए बनाई गई पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट (पीएचएम) यूनिट का इजराइल के इंटरनेशनल डवलपमेंट कोपरेशन साइंस एंड एग्रीकल्चर के काउंसलर डेन अलूफ व एडवांस ग्रेडिंग एंड पेकिंग टेक्नोलॉजी के महाप्रबंधक मनाशी तामीर ने उद्घाटन किया। साथ ही संतरा उत्कृष्ठता केंद्र की विभिन्न नर्सरियों में विकसित किए जा रहे पौधों, ऑटोमेशन सेंटर, वेदर स्टेशन, फर्टिगेशन सेंटर, पीएचएम यूनिट में कलर सोर्टिंग, पैकिंग, पैकेजिंग, वेक्सिन करने वाली मशीनों की जानकारी ली।

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प्रशिक्षण में इजराइल के विशेष मनाशी तामीर ने कहा कि कोटा में संचालित सीओई इजराइल के मापदंडों के अनुरूप तैयार हो चुका है। जहां पर इजराइल के समान पौधे तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही हाड़ौती के किसानों को इजराइल की तकनीक से नींबू वर्गीय फलों की खेती की तकनीक के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। जो यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर फलों का बेहतर उत्पादन प्राप्त करें। सीओई के प्रभारी डॉ. राशिद खान ने बताया कि हाड़ौती के किसानों को प्रशिक्षित करने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब हाड़ौती का बागवान भी इजराइल के बागवानों के समान आमदनी प्राप्त करेगा।

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प्रशिक्षण के दौरान कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रामावतार शर्मा, उपनिदेशक केसी मीणा, उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक पीके गुप्ता, स्याम से सहायक निदेशक जया मेहरा, झालावाड़ उद्यानिकी वानिकी महाविद्यालय से डॉ. एचएल नागर, कृषि विवि के पूर्व निदेशक प्रो. पीके गुप्ता, नांता राजहंस इकाई के पौध व्याधि विशेषज्ञ सत्येंद्र पाठक, कृषि अधिकारी सत्यप्रकाश मीणा आदि मौजूद थे।