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अजमेर जेल अधीक्षक ने कोटा अदालत का काम रोका तो अदालत ने भेजा IG और SP को फरमान

जेल अधीक्षक अजमेर द्वारा जानबूझकर कर न्यायालय की कार्यवाही बाधित की तो अदालत ने आईजी अजमेर व एसपी जेल को व्यक्तिगत उपस्थित होने को कहा।

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कोटा

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abhishek jain

Nov 03, 2017

Jail Superintendent Ajmer Barred Court Proceedings

कोटा .

उद्योग नगर थाने में दर्ज करीब 9 साल पुराने मामले में आरोपित को अजमेर जेल से 17 पेशियों पर अदालत में पेश नहीं किए जाने पर एससी-एसटी अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई है। हर बार जाप्ता नहीं होने का बहाना लगाकर जेल अधीक्षक द्वारा आरोपित को पेश नहीं करने पर अदालत ने इसे जान बूझकर न्यायालय की कार्यवाही को बाधित करना मानते हुए आईजी अजमेर व एसपी जेल को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण देने को कहा है। साथ ही आरोपित को आगामी पेशी 8 नवम्बर को आवश्यक रूप से अदालत में पेश करने को कहा है।

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उद्योग नगर थाने में वर्ष 2008 में दर्ज सरकार बनाम शंकरलाल मामले में मंदसौर के धुआंखेड़ी हाल कोटा निवासी आरोपित शंकर लाल लुहार अजमेर जेल में बंद है। मामला कोटा की एससी-एसटी अदालत में विचाराधीन है।

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10 माह में 17 बार कहा लेकिन....

अदालत ने पत्र में लिखा कि आरोपित शंकरलाल को 16 दिसम्बर 2016 से 29 अक्टूबर 2017 तक 17 बार पेश करने को कहा गया, लेकिन अधीक्षक ने हर बार जाप्ता उपलब्ध नहीं कराने का हवाला देकर पेश नहीं किया। मामले में हर बार लाल स्याही का नोट अंकित करने के बावजूद आरोपित को पेश नहीं करने से माना जाता है कि अधीक्षक द्वारा जान बूझकर न्यायालय की कार्यवाही बाधित की जा रही है।

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अबके पुष्कर मेले का बहाना
अदालत ने लिखा कि 29 अक्टूबर को भी लाल स्याही का नोट अंकित कर आरोपित को पेश करने को कहा था। लेकिन, फिर पुष्कर मेले का हवाला देकर जाप्ता उपलब्ध नहीं होने का कारण बता दिया गया, किसी भी मेले के कारण आरोपित को अदालत में पेश नहीं करना न्यायालय के आदेश की अवहेलना है।

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स्वयं उपस्थित हों

अदालत ने आईजी को लिखा कि एसपी जेल व अधीक्षक को आरोपित को आगामी पेशी 8 नवम्बर को पेश करने के लिए पाबंद करें। यदि वे कोई स्पष्टीकरण दें तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के लिए पाबंद करें। उनके उपस्थित नहीं होने पर कार्यवाही की जाएगी।

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हत्या का है आरोपित

सूर्य नगर डकनिया निवासी परणमल सुमन ने 28 सितम्बर 2008 को उद्योग नगर थाने में रिपोर्ट दी थी कि रात को एक से डेढ़ बजे के बीच दो जने चोरी की नीयत से उनके घर में घुसे। वे और उनकी पत्नी व बच्चे उठे तो उन्होंने पहले तो घर में जो भी माल है वह देने को कहा। विरोध करने पर उनमें से एक ने उनकी पत्नी पार्वती व बेटे आकाश के गोली मार दी। इसके बाद छत के रास्ते जाने लगे, किराएदार ने पकडऩे का प्रयास किया तो उससे भी मारपीट की। गोली लगने से उसकी पत्नी पार्वती की मौत हो गई थी। पुलिस ने हत्या, जानलेवा हमला और चोरी की नीयत से घर में घुसने का मामला दर्ज कर आरोपित सूर्य नगर डकनिया निवासी शंकरलाल लुहार व उद्योग नगर निवासी शैलेन्द्र सिंह को मई 2009 में गिरफ्तार किया था। शंकरलाल अजमेर जेल में बंद है।