4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पुलवामा के शहीदों को कोटा ने दी श्रद्धांजलि, कैण्डल मार्च निकाल शहादत को किया सलाम

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों द्वारा सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हुए हमले में शहीद हुए जवानों को भाजपा दादाबाड़ी मंडल ने कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी।
2 min read
Google source verification

कोटा

image

Zuber Khan

Feb 15, 2019

terror attack in pulwama

पुलवामा के शहीदों को कोटा ने दी श्रद्धांजलि, कैण्डल मार्च निकाल शहादत को किया सलाम

कोटा. जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों द्वारा सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हुए हमले में शहीद हुए जवानों को भाजपा दादाबाड़ी मंडल ने कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी। मंडल के अध्यक्ष शैलेन्द्र ऋषि ने बताया कि इस मौके पर दादाबाड़ी मैन रोड से कैंडल मार्च निकाला व दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि हम जब घरों में आराम से सो रहे होते हैं तो सैनिक सीमा पर जाग रहे होते हैं। उनका अपना जीवन देश के लिए समर्पित होता है। अन्य ने भी संबोधित किया। मंडल महामंत्री धर्मेन्द्र हाड़ा, वार्ड अध्यक्ष गजेन्द्र विजय,मंडल मंत्री कनिष्क शर्मा,बबलू वर्मा,मनीषा मीणा व अन्य लोग मौजूद रहे।

BIG Breaking : पुलवामा आतंकी हमले में कोटा का वीर जवान हेमराज मीणा शहीद

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की करीब 78 गाडिय़ों में 2547 जवान सवार थे। आतंकियों ने सुरक्षाबलों की दो गाडिय़ों को निशाना बना बम से विस्फोट कर हमले को अंजाम दिया। इस दौरान 30 जवानों शहीद हो गए इसमें कोटा जिले के सांगोद निवासी जवान हेमराज मीणा भी शामिल हैं। हमले में 45 से ज्यादा जवान घायल हो गए। जिनका इलाज जारी है। बता दें जिस जगह आतंकियों ने इस हमले को अंजाम दिया वहां सेना ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया है। सड़क से किसी भी गाड़ी को गुजरने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

OMG: किसान की टापरी पर गिरी बिजली, दो मासूम बच्चे झुलसे, राशन साम्रगी और बिस्तर खाक


करीब तीन साल पहले बनाया था मकान
पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए भारत माता के वीर सपूत सांगोद निवासी हेमराज मीणा ने करीब तीन साल पहले ही कोटा जिले के सांगोद की सेन कॉलोनी में मकान बनाया था और उसने परिवार को यहां शिफ्ट किया था। इससे पूर्व उसका परिवार अजमेर में रहता था। हेमराज के पिता हरदयाल व मां रतनाबाई गांव में ही रहते हैं। उसके परिवार के लोगों को उसके शहीद होने की जानकारी मिल गई है लेकिन घर की महिलाओं को इस दुखद घटना से अवगत नहीं कराया है। उसकी पत्नी व बच्चों को भी इसकी जानकारी नहीं दी है लेकिन कुछ परिजन उसे सांगोद से गांव लाने के लिए गए हैं।