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सावधान: इस नई पिचकारी से 50% दृष्टि बाधित, जल गई 9 साल के बच्चे की आंख, डॉक्टर भी हुए हैरान

Harmful Cold-Drink Water Gun: झालावाड़ जिले से होली से पहले एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कोल्ड ड्रिंक भरी पिचकारी से 9 साल के बच्चे की आंख गंभीर रूप से झुलस गई। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे की दृष्टि 50% तक प्रभावित हुई है और हालत गंभीर बनी हुई है।

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कोटा

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Akshita Deora

Feb 25, 2026

Holi News

एमबीएस अस्पताल के नेत्र विभाग में आया पीडि़त बच्चा और उसके परिजन (फोटो: पत्रिका)

Shocking Case Of MBS Hospital: झालावाड़ जिले के सारोलाकलां में कोल्ड ड्रिंक भरी पिचकारी से बच्चे की आंख जलने का मामला सामने आया है। परिजन मंगलवार को बच्चे को लेकर कोटा के एमबीएस अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में पहुंचे तो ऐसी पिचकारी देख डॉक्टरों को भी हैरानी हुई। सारोलाकलां निवासी 9 वर्षीय मनीष को उसके पिता हुकुमचंद धाकड़ इलाज के लिए यहां लेकर पहुंचे थे।

नेत्र रोग विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ. जयश्री सिंह ने बताया कि बच्चे की आंख में कोल्ड ड्रिंक जाने से कॉर्निया को नुकसान पहुंचा है। जिससे उसकी दृष्टि प्रभावित हुई है। कोल्ड ड्रिंक से आंख में एलकली बर्न (क्षार तत्व से जलन) से अल्सर बन गया। डॉ. सिंह ने कहा कि ऐसी कोल्ड ड्रिंक वाली पिचकारी पर प्रशासन को रोक लगानी चाहिए।

परिजनों का दावा…स्कूल के बाहर दुकान पर बिक रही ऐसी पिचकारी

परिजनों के अनुसार, बच्चे ने स्कूल के बाहर से कोल्ड ड्रिंक वाली पिचकारी खरीदी थी और खेलते समय गलती से पेय पदार्थ आंख में चला गया। इसके बाद बच्चे को दिखना कम हो गया। पहले उसे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झालावाड़ जिले के सारोलाकलां में दिखाया, लेकिन सुधार नहीं होने पर कोटा रैफर किया गया। यहां जांच के बाद उपचार शुरू किया गया है।

करना पड़ सकता है कॉर्निया ट्रांसप्लांट

डॉ. सिंह का कहना है कि आंख में शर्करा युक्त या गैस वाले पेय पदार्थ जाने से संक्रमण और कॉर्निया को गंभीर क्षति हो सकती है। बच्चा देरी से अस्पताल पहुंचा है। हालांकि बच्चे की आंख 50 प्रतिशत तक खराब हुई है। ऐसे में पहले उसे दवाइयों से ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद भी कोई फर्क नहीं पड़ा तो कॉर्निया ट्रांसप्लांट करना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि कोल्ड ड्रिंक वाली पिचकारियों की बिक्री पर रोक लगाकर कार्रवाई की जाए। साथ ही अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे बच्चों को इस तरह के खिलौनों से दूर रखें और आंख में किसी भी रसायन या तरल पदार्थ जाने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।