
राजस्थान रोडवेज की नई बसें। पत्रिका फाइल फोटो
Rajasthan Roadways: कोटा रोडवेज डिपो को जल्द ही 9 नई बसें मिलने जा रही हैं। इन बसों के अप्रेल माह तक डिपो पहुंचने की संभावना है। इसके लिए जयपुर मुख्यालय पर टेंडर प्रक्रिया जारी है। नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली तक बेहतर व सुगम यात्रा सुविधा मिलेगी।
डिपो चीफ मैनेजर अजय कुमार मीणा ने बताया कि आमजन और जनप्रतिनिधियों की मांग पर डिपो ने 18 बसों की मांग जयपुर मुख्यालय को भेजी थी, जिसके बाद 9 बसें आवंटित की गई हैं। इन बसों का संचालन कोटा से दिल्ली, मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर और इंदौर तथा राजस्थान के जोधपुर जैसे प्रमुख रूटों पर किया जाएगा।
आवश्यकतानुसार अन्य मार्गों पर भी बसें चलाई जा सकेंगी। नई बसों में लग्जरी श्रेणी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोटा डिपो के पास 76 स्वयं की और 9 अनुबंधित बसें संचालित हैं।
नई 9 अनुबंधित बसें जुड़ने के बाद अनुबंधित बसों की संख्या 18 हो जाएगी। इन बसों के आने से जहां प्रमुख रूटों पर नई सुविधाएं शुरू होंगी, वहीं पुरानी बसों को ग्रामीण मार्गों पर संचालित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।
राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल का मंगलवार को कोटा और हाड़ौती संभाग में खास असर देखने को नहीं मिला। एक ओर जहां कई बस संचालकों ने अपनी बसें बंद रखीं, वहीं कुछ रूटों पर बसों का संचालन सामान्य दिनों की तरह जारी रहा। अधिकांश स्लीपर कोच, नाइट सर्विस और स्टेट कैरिज बसें बस स्टैंड पर खड़ी नजर आईं, लेकिन बारां, छीपाबड़ौद, रावतभाटा, सांगोद, मांगरोल सहित अन्य ग्रामीण मार्गों पर बसों का संचालन अन्य दिनों की तरह चलता रहा।
बस मालिकों ने बताया कि हाड़ौती संभाग की करीब 200 से अधिक बसें हड़ताल में शामिल हैं। स्लीपर कोच संचालकों ने पूरे राजस्थान में इंटरसिटी चलने वाली एसी, वोल्वो और अन्य श्रेणी की बसों का रिजर्वेशन बंद कर दिया है। पहले से हुई बुकिंग का किराया भी रिफंड किया जा रहा है।
कोटा से उदयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, पाली, सिरोही, जैसलमेर, जयपुर व जालौर सहित राज्य के बाहर अहमदाबाद, दिल्ली, गोरखपुर, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, कानपुर व लखनऊ तक संचालित सेवाएं प्रभावित हुई हैं। हड़ताल के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने सफर एक-दो दिन के लिए टालने की बात कही, जबकि शादी-विवाह के सीजन और नौकरी ज्वाइन करने की मजबूरी के चलते कई यात्री घंटों बस स्टैंड पर इंतजार करते नजर आए।
Published on:
25 Feb 2026 07:55 am
