
Kota DFO on the target of BJP MLA
कोटा के टैगोर हॉल में हुई समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी के सामने जमकर भड़ास निकाली। जनप्रतिनिधियों ने मंत्री के सामने अधिकारियों के लिए यहां तक कह दिया कि वे उनकी सुनवाई तक नहीं करते। अधिकारी क्षेत्र के लोगों से मिलीभगत कर वनभूमि को आवंटित करवा रहे हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी सुनवाई नहीं करते। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए विधायकों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
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अतिक्रमियों से मिले हैं डीएफओ
विधायक विद्याशंकर नंदवाना ने कहा कि कैथून में मवासा रोड पर वन विभाग को आवंटित भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है। इसकी कई बार विभाग में शिकायत भी कर दी है, लेकिन डीएफओ अतिक्रमियों से मिले हुए हैं। जानबूझ कर अतिक्रमण नहीं हटा रहे। मंत्री ने प्रशिक्षु आईएएस के निर्देशन में जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। वहीं किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड नहीं मिलने का मामला उठाया तो मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारी को सम्बंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
वन भूमि पर बसी हैं अवैध कॉलोनियां
विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि अनंतपुरा, बरड़ा बस्ती, तालाब गांव बरसों से वन भूमि पर बसे हुए हैं। आलीशान मकान बन गए हैं। अतिक्रमण हटाना संभव नहीं। विभाग द्वारा एेसी कॉलोनियों को आबादी क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार करना चाहिए। मंत्री ने वन क्षेत्र में अतिक्रमण के मामलों को गंभीर माना, अधिकारियों को त्वरित व प्रभावी कार्यवाही करने की हिदायत दी।
अनकमांड क्षेत्र को किया जाए सिंचित
विधायक हीरालाल नागर ने कहा कि शहरी सीमा में करीब ३००० हैक्टेयर कृषि भूमि डिकमांड घोषित कर रखी है। इसमें कॉलोनियां कटी हुई हैं। इसके बजाय विभाग द्वारा सांगोद क्षेत्र के असिंचित क्षेत्र को सिंचित किया जाए। इसके लिए लिफ्ट परियोजना भी स्वीकृत है। रेलगांव, टहला सुवाना, चारचौमा क्षेत्र का जल स्तर भी गिरा हुआ है। जब यह क्षेत्र सिंचित घोषित हो जाएगा तो जल स्तर भी सुधरेगा। जिला कलक्टर ने बताया कि पटवारियों को सर्वे करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
इंतजार करते रहे अधिकारी
टैगोर हॉल में शाम चार बजे सभी विभागों की समीक्षा बैठक की सूचना जारी की गई थी। समय से पहले ही करीब-करीब सभी विभागों के अधिकारी पहुंच गए। लेकिन, पांच बजे तक प्रभारी मंत्री बैठक लेने नहीं पहुंचे। एेेसे में अधिकारी कभी अंदर तो कभी बाहर घूमते रहे।
ये मामले भी उठे
बैठक में शहर डेंगू रोग नियंत्रण के लिए फोगिंग मशीनें खरीदने का मामला भी उठा। इस पर निगम प्रशासन ने यूआईटी से बजट मिलते ही फोगिंग मशीनें खरीदने का आश्वासन दिया। भामाशाह मंडी के विस्तार के मामले में मंत्री ने डीएफओ से कहा कि वनभूमि के स्थानांतरण के लिए मंडी समिति ने विभाग में आवेदन कर रखा है तो फिर देर कहां हो रही है। इस प्रकिया को गति दी जाए।
गाड़ी खाने में यूआईटी बनाएगी पार्किंग
पुराने कोटा शहर के गाड़ी खाने की जमीन पर पाॢकंग का मुद्दा एक बार फिर समीक्षा बैठक में छाया। स्थानीय विधायक ने कहा कि यहां पार्र्किंग स्थल प्रस्तावित है। लेकिन अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यूआईटी बनाएगी या निगम। इस पर प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि उक्त जमीन निगम यूआईटी को हस्तानांतरित करे। यूआईटी यहां पार्र्किंग स्थल बनाने के लिए सात दिन में प्रस्ताव तैयार करे। वहीं यहां के दुकानदारों का निर्णय दोनों विभाग मिलकर करें।
Published on:
11 Nov 2017, 11:15 AM IST
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