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कोटा ने पूरी की मध्यप्रदेश की मांग

मध्यप्रदेश की मांग पर कोटा ने दाईं मुख्य नहर में 3000 क्यूसेक जल छोडा़।
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कोटा

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Vineet Kumar Singh

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Updated: 30 Aug 2017, 6:51 PM IST

Kota Fulfill the Need of Water of Madhya Pradesh

कोटा. मध्यप्रदेश की मांग पर दाईं मुख्य नहर में तीन दिन पहले छोड़ा गया 3000 क्यूसेक जल मंगलवार शाम सात बजे तक 120 किलोमीटर दूरी पर पार्वती एक्वाडक्ट पहुंच गया।

कोटा .

मध्यप्रदेश में इस वर्ष बारिश नहीं होने के कारण जल की कमी के चलते कोटा से मांग की गई थी जिसके तहत कोटा ने 3000 क्यूसेक जल नहर में छोड़ दिया है सा‍थ ही यह भी कहा है कि अगर और मांग आई तो और पानी छोड़ दिया जाएगा।

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मध्यप्रदेश की मांग पर दाईं मुख्य नहर में तीन दिन पहले छोड़ा गया 3000 क्यूसेक जल मंगलवार शाम सात बजे तक 120 किलोमीटर दूरी पर पार्वती एक्वाडक्ट पहुंच गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार पार्वती एक्वाडक्ट से मध्यप्रदेश को दिए जाने वाले पानी की मात्रा गिनी जाती है। यहां से मध्यप्रदेश की सीमा शुरू हो जाती है। पानी सीएडी प्रशासन ने छोड़ा है।

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गौरतलब है कि गत दिनों कोटा आए मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग के तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने बरसात कम होने का हवाला देते हुए सीएडी से 4000 क्यूसेक पानी की मांग का पत्र जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता को सौंपा था। राज्य सरकार से तीन दिन पहले स्वीकृति मिलने पर विभाग ने शनिवार शाम पांच बजे नहर में पानी छोड़ दिया था। यह पानी मंगलवार रात सात बजे पार्वती एक्वाडक्ट पहुंच गया।

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सीएडी के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र लुहाडि़या ने बताया कि मध्यप्रदेश के लिए फिलहाल 3000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पूरा पानी मध्यप्रदेश को मिले इसके लिए मुख्य नहर की सभी ब्रांच, सब ब्रांच, माइनर के गेट बंद कर दिए हैं। फिर भी अगर मांग आई तो और पानी छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के लिए पानी छोडऩे के बाद किशनपुरा सब ब्रांच के टेल क्षेत्र के किसानों ने भी पानी की मांग उठाई थी लेकिन एक-दो दिन से शहर के सीमावर्ती क्षेत्र में बरसात होने से फसलों में पानी की मांग खत्म
हो गई। मांग आएगी तो किसानों को पानी दिया जाएगा।