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कोटा के 70 हजार गैस उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, सिलेंडर खाली होने की टेंशन खत्म, जल्द मिलेंगे पीएनजी कनेक्शन

PNG Connection: कोटा शहर के करीब 70 हजार परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें एलपीजी सिलेंडर की झंझट से जल्द छुटकारा मिलने वाला है, क्योंकि शहर में घरेलू पाइपलाइन गैस की आधारभूत संरचना विकसित कर ली गई है।

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कोटा

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Kamal Mishra

Apr 22, 2026

Kota gas

एलपीजी सिलेंडर (फाइल फोटो-पत्रिका)

कोटा। शहर के करीब 70 हजार परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें एलपीजी सिलेंडर की झंझट से जल्द छुटकारा मिलने वाला है, क्योंकि राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (आरएसजीएल) ने शहर में घरेलू पाइपलाइन गैस (डीपीएनजी) की आधारभूत संरचना विकसित कर ली है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में यह सुविधा तैयार है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन जारी किए जाएं।

कोटा कलेक्टर पीयूष समरिया ने आरएसजीएल अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट किया कि जिन कॉलोनियों में पाइपलाइन नेटवर्क तैयार हो चुका है, वहां तेजी से डीपीएनजी कनेक्शन दिए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों को धीरे-धीरे एलपीजी फ्री जोन में बदलना है, जिससे लोगों को सस्ती, सुरक्षित और 24 घंटे उपलब्ध गैस सुविधा मिल सके।

इनको भी मिलेंगे पीएनजी कनेक्शन

कलेक्टर ने आरएसजीएल को निर्देशित किया कि कॉलोनियों में जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को पाइपलाइन गैस के फायदे बताए जाएं और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इससे जोड़ा जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, ढाबों, हॉस्टलों और रेस्टोरेंट्स में भी डीपीएनजी कनेक्शन विस्तार की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा

बैठक के दौरान आरएसजीएल के प्रबंध निदेशक विनय पाटनी ने बताया कि कोटा शहर में करीब 70 हजार घरों को जोड़ने के लिए पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया जा चुका है। इसके अलावा शहर में सीएनजी स्टेशनों के विस्तार पर भी काम जारी है, जिससे स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

गैस सिलेंडर से सस्ती है पीएनजी

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता कम कर पाइपलाइन गैस सुविधा अपनाएं। डीपीएनजी न केवल सस्ती है, बल्कि सुरक्षित और निरंतर उपलब्ध रहने वाली सुविधा भी है, जिससे गैस खत्म होने या सिलेंडर बुकिंग की परेशानी नहीं रहती।

बैठक में ये लोग हुए शामिल

इस बैठक में आरएसजीएल के उपमहाप्रबंधक सीपी चौधरी, विवेक रंजन और विवेक श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि शहर में प्रदूषण भी कम होगा और ऊर्जा के स्वच्छ विकल्पों को बढ़ावा मिलेगा।