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Students Suicide : स्टूडेंट्स सुसाइड केस में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, कोटा में 2018 से अब तक 106 छात्रों ने दी जान

Kota Coaching : कोचिंग छात्रों के सुसाइड मामलों में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी।

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Rajasthan High Court issues Notice to State Government UGC and Others and Asked Why should College Teachers Retirement Age increased to 65 Years

फाइल फोटो (पत्रिका फोटो)

कोचिंग छात्रों के सुसाइड मामलों में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। इस साल राजस्थान के कोटा में अब तक 14 स्टूडेंट आत्महत्या कर चुके हैं। वहीं साल 2018 से लेकर अब तक की बात करें तो 106 स्टूडेंट आत्महत्या कर चुके है। राजस्थान हाईकोर्ट में भी इस मामले में सुनवाई चल रहीं है। 14 मई को इस केस की हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। जिसमें
एक कोचिंग सेंटर की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है। जिस पर 23 मई को सुनवाई होनी है। ऐसे में तब तक हाईकोर्ट की ओर से कोई आदेश नहीं दिया जाए। इस पर अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद रखी। वहीं आज स्टूडेंट सुसाइड केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रहीं है। आज इस केस में सुप्रीम कोर्ट का क्या निर्णय रहेगा। इसके बाद हाईकोर्ट अपनी टिप्पणी दे सकता है।

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विधानसभा में पास नहीं हो पाया कोचिंग बिल…

कोटा में कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की आत्महत्याओं पर हाईकोर्ट ने साल 2016 में स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया था। इस दौरान कोचिंग संस्थानों को रेगुलेट करने को लेकर ड्राफ्ट बनाया गया। इस साल एक मसौदा कोचिंग विनियमन विधेयक तैयार किया गया और विधानसभा में पेश किया गया। लेकिन विरोध के चलते इसे एक प्रवर समिति को भेज दिया था। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव की खंडपीठ ने कहा कि साल 2019 से अब तक सरकार इस विषय में कोई ठोस कानून नहीं बना पाई है, यह दुखद है। कोर्ट ने कहा कि गाइडलाइन तक लागू नहीं की गई।

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बीजेपी विधायक ने किया था बिल का विरोध..

बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ ने विधेयक की आलोचना करते हुए चेतावनी दी थी कि इसका मौजूदा स्वरूप राजस्थान से कोचिंग संस्थानों को बाहर कर सकता है। इससे नौकरियां और 60,000 करोड़ रुपए का उद्योग प्रभावित हो सकता है। विधायक गोपाल शर्मा ने कोचिंग विनियमन विधेयक में केंद्रीय दिशा-निर्देशों के गायब प्रावधानों पर सवाल उठाए थे. शर्मा ने कहा था कि अगर डबल इंजन वाली सरकार है तो साथ मिलकर चले।

जानिए : कोटा में पिछले आठ साल में कितने स्टूडेंट्स ने किया सुसाइड..

साल 2018 में 20,
2019 में 8,
2020 में 4,
साल 2021 में एक भी सुसाइड का मामला सामने नहीं आया
2022 में 15,
2023 में 29
2024 में 16
2025 में अब तक 14

यह है कारण…

कोचिंगों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे दूसरे राज्यों से आते है। इनमें अधिकतर मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चे होते है। कोटा में कोचिंगों में इन बच्चों को लाखों रुपए फीस देने के बाद दाखिला मिलता है। इसके बाद पढ़ाई का प्रेशर इतना होता है कि कई बच्चे मेंटली टेंशन में रहते है। उन्हें परिवार का दुख होता है और इधर केरियर की टेंशन रहती है। जिसके कारण वह सुसाइड कर लेते है। कई मामलों की जांच में सामने आया है कि माता-पिता की छात्रों से उच्‍च महत्‍वाकांक्षा होना भी सुसाइड का बड़ा कारण है।