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मनरेगा काम का निरीक्षण करने गए तो जान के पड़ गये लाले, पुलिस बुलाई लेकिन खाकी की सुस्ती भागने को करना पड़ गया प्रदर्शन

कर्मचारियों ने किया कार्य का बहिष्कार
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कोटा

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Suraksha Rajora

Feb 11, 2020

मनरेगा काम का निरीक्षण करने गए तो जान के पड़ गये लाले, पुलिस बुलाई लेकिन खाकी की सुस्ती भागने को करना पड़ गया प्रदर्शन

मनरेगा काम का निरीक्षण करने गए तो जान के पड़ गये लाले, पुलिस बुलाई लेकिन खाकी की सुस्ती भागने को करना पड़ गया प्रदर्शन

कोटा/सुल्तानपुर. क्षेत्र में मंगलवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब नरेगा कार्य जांच करने गए चौमा मालियान ग्राम पंचायत के एलडीसी लालचंद नागर के साथ मारपीट हो गई।

कोटा जिले के सुल्तानपुर पंचायत समिति में सभी अधिकारी और कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए। जहां उन्होंने नारेबाजी के साथ पुलिस की कार्यशैली का विरोध जताया। कार्मिको ने बताया कि ग्राम पंचायत चोमामालियांन के एलडीसी लालचंद नागर के सोमवार को नरेगा जांच के दौरान एक व्यक्ति द्वारा गाली-गलौज कर मारपीट की गई और जान से मारने के प्रयास किया । जहां घटना को लेकर देवलीमांझी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई। लेकिन 24 घण्टे बाद भी आरोपी की गिरप्तारी तक नही की गई है। ऐसे में सभी मे खासा आक्रोश है।

मामले में कोई कार्यवाही नही होती देख यहाँ मंगलवार को पंचायत समिति सुल्तानपुर के सभी अधिकारी,कर्मचारी ,पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी और ग्राम विकास अधिकारी संघ के समस्त कार्मिको ने पुलिस की कार्यशैली के विरोध में पँचायत समिति में सांकेतिक धरना दिया। और नारेबाजी के साथ जमकर आक्रोश जताया। इसके बाद सभी ने जिला परिषद सीईओ के नाम विकास अधिकारी फिरोज अहमद को ज्ञापन सौंपकर आरोपी की 24 घण्टे में गिरप्तारी नही होने पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी।

आपको बता दे कि चोमा मालियान ग्राम पंचायत के कनिष्ठ सहायक लालचंद नागर सोमवार को मनरेगा के कार्य का नवीन फोटो लेने के लिए बंबूली गांव में गया था । जहां पर रघुराज सिंह नामक व्यक्ति ने गाली गलौज कर उसके साथ मारपीट की और धारदार हथियार लेकर जान से मारने का प्रयास करते हुए सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए। बड़ी मुश्किल से कर्मचारी ने अपनी जान बचाई। मामले को लेकर तुरंत ही देवली मांझी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।

लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई । इसके बाद सभी कर्मचारियों में खासी रोष है कार्मिको ने कहा कि यदि सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट करने वाले तक की गिरफ्तारी नहीं होती है तो अन्य कार्मिको का भी मनोबल गिर रहा है और समाज कंटको का आतंक बढ़ेगा। ऐसे में वह बर्दाश्त नही करेंगे।