
दोगला है पाकिस्तान, मिटा दो उसका नामो निशान, पढि़ए... फिदाईन हमले में बेटा गंवा चुकी मां का दर्द
कोटा. पाकिस्तान बेहद दोगला है... 70 साल से हमारी सरकार उस पर भरोसा करने की भूल कर रही है... जिसकी कीमत हजारों माओं को अपनी कोख और वीरांगनाओं को अपनी मांग का सिंदूर उजड़वाकर चुकानी पड़ रही है...सियासी रोटियां सेकना अब तो बंद करो... वो एक मार रहा है तुम 10 मारो... ऐसा चकनाचूर करो कि पीछे से हमला करने वाले कायर आतंकवादी तो दूर इन सांपों को दूध पिलाने वाली पाकिस्तान की फौज समेत पूरे नापाक मुल्क का नामो निशान ही मिट जाए... इंसानियत के सारे दुश्मनों को खत्म कर दो एकदम।
यह दर्द और गुस्से का यह सैलाब उस मां के कलेेजे में फूटा जिसने महज 24 साल के बेटे को पुलवामा के फिदाईन हमले में गवा दिया। कहने को तो इस शहादत को दो दशक बीतने वाले हैं, लेकिन मां और पिता के कलेजे पर लगे जख्म आज तक ताजा हैं। गुरुवार की ही तरह 18 साल पहले पुलवामा में सीआरपीएफ के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप पर भी फिदाईन हमला हुआ था। जिसमें कोटा के लाल भारत भूषण पारलिया समेत 11 जवान शहीद हो गए।
शहीद पारलिया की मां पुष्पा पारलिया और पिता नत्थूलाल पारलिया शुक्रवार को शहीद स्मारक पर शहीद हेमराज मीणा को श्रद्धांजलि देने आए थे। इस दौरान राजस्थान पत्रिका से बात करते हुए शहीद पारलिया के पिता ने कहा कि जब भी कोई जवान शहीद होता है सरकारें आंसू तो बहुत बहाती हैं, लेकिन उसके बाद करती कुछ नहीं। 70 साल से पाकिस्तान नौजवान बच्चों का खून बहा रहा है, लेकिन हम हर बार बात तनातनी पर आकर थम जाती है, लेकिन अब और नहीं बर्दास्त होता। पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देना होगा। नापाक पाकिस्तान का वजूद मिटाना ही होगा।
Published on:
16 Feb 2019 08:00 am
