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सर्किट हाउस में हुई जनसुनवाई , लोगों की समस्याओं का हुआ समाधान

अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई कर कई लोगों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का प्रयास किया ।

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अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह नए सर्किट हाउस में

कोटा . अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई कर कई लोगों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का प्रयास किया । जसवीर सिंह ने पुलिस प्रशासन, व्यक्तिगत स्पोर्ट्स, बैंकिंग सहित कई तरह के मामलों की जनसुनवाई की और उनका मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया साथ ही जो प्रकरण विलंब से चल रहे हैं उन्हें शीघ्र निस्तारित करने का अधिकारियों को निर्देशित किया ।

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थाना कुन्हाड़ी स्थित एक युवती के साथ मारपीट करने के मामले में एक अल्पसंख्यक व्यक्ति को पुलिस द्वारा जेल में डालने का मामला भी सामने आया तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता नहीं मिलने का मामला भी सामने आया। अल्पसंख्यकों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाने के कारणों को भी जाना साथ ही योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अल्पसंख्यक समुदायों के अलग-अलग जाति शिविर लगाकर उन्हें योजनाओं का लाभ दिए जाने की बात भी कही । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से अल्पसंख्यकों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसका लाभ जानकारी के अभाव में लोग नहीं ले पा रहे हैं। लेकिन अब उन्हें लिटरेचर भेजकर या शिविर लगाकर योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

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प्रदेश के कई जिलों में इस तरह के शिविर लगाए जा रहे हैं उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि आगामी समय में कोटा में भी इस तरह के शिविर लगाए जाएंगे । इस दौरान 32 समाजों को भूखंड दिए जाने का मामला भी सामने आया जिसमें अल्पसंख्यक समुदायों को भूखंड नहीं मिलने का परिवाद भी अल्पसंख्यक आयोग को दिया गया। जन सुनवाई के दौरान इमानुएल मिशन के बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति द्वारा छुड़ाया जाने का मामला भी सामने आया इस अवसर पर बच्चों के परिजन अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष से मिले और अपने बच्चों को मिलवाने की बात कही।

कई परिजन अपने बच्चों को लेने आए तो उन्हें अपने बच्चों के नाम तक मालूम नहीं थे।उनके साथ जो बच्चों को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे उनके कई गलतियां वहां देखने को मिली। राजस्थान में उर्दू के टीचरों के पद खाली होने का मामला भी जनसुनवाई में सामने आया जहां उर्दू के टीचरों से संस्कृत पढ़ाए जाने और जहां उर्दू के अधिक स्टूडेंट होने पर भी टीचर नहीं होने की शिकायत दी। अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष के समक्ष दर्ज कराई गई इस तरह के कई और भी मामले देखने को मिले जिसमें लोगों ने व्यक्तिगत शिकायत भी अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष को दर्ज कराई।