
monsoon
कोटा. इस साल मानसून प्रदेश में अगले सप्ताह तक प्रवेश करने की मौसम विज्ञान द्वारा संभावना जताई जा रही है। मौसम की अटकलों को देखते हुए हाड़ौती के धरतीपुत्र खरीफ की बुवाई की तैयारियों में जुट गए हैं। हंकाई-जुताई में लगे हैं। खेतों में रात दिन ट्रैक्टर फर्राटे मारते नजर आ रहे हैं। खरीफ की बुवाई के लिए किसान बीज की व्यवस्था करने में जुटे हैं। बीज विक्रेताओं के यहां सोयाबीन, मक्का के बीज की पूछ परख कर रहे हैं। वहीं कई किसानों ने पहले से ही धान की रोपाई का मानस बना रखा था। जिन्होंने खेत के एक हिस्से में धान की पौध तैयार कर ली थी।
हाड़ौती में मौसम का ऐसा है हाल
हाड़ौती में गुरुवार को दिनभर तेज धूप रही। लोग धूप, गर्मी, उमस से परेशान रहे। ज्यों-ज्यों सूरज चढ़ता गया। उमस-गर्मी का असर भी बढ़ता गया। दोपहर में हवा थमने के बाद कूलर पंखों की हवा भी बेअसर रही। शाम को कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही भी रही। बूंदी जिले में दिनभर तीखी धूप निकली। शाम को बादल छाए, लेकिन गर्मी का असर बरकरार रहा। झालावाड़ जिले में सुबह तेज ठण्डी हवाएं चलने से मौसम सुहावना रहा। दिन में उमस का असर रहा।
अभी यह है वास्तविक स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार मानसून कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र को पार करता हुआ आधे छत्तीसगढ़, उडि़सा तक पहुंचा गया, जो धीरे-धीरे मध्य-भारत के पठारी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। पठारी क्षेत्र में अभी भी गर्मी का असर होने से मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई है। जो 24 जून तक मध्यप्रदेश में प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है। मानसून प्रदेश की सीमा में 27 जून तक प्रवेश करने की संभावना है। गत वर्ष भी प्रदेश में 27 जून को मानसून सक्रिय हो गया था। एक जुलाई को कोटा में मानसून की पहली बारिश हुई थी।
Published on:
22 Jun 2018 03:06 pm
