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यहां लोग ऐसा क्या पुण्य कर रहे जो आए दिन बंदरों की हो रही मौत…

मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र से गुजर रहे मार्ग पर वाहनों की चपेट में आ रहे मूक प्राणी
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Death of monkeys

बंदरों ही मौत

कोटा.रावतभाटा. कोटा जिले के बोराबांस गांव के आगे से कोलीपुरा के बीच फैले मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र में बड़ी संख्या में बंदर हंै। लेकिन यहां बंदरों की मौतें हो रही हैं। बंदरों की मौत का मुख्य कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालक हैं। इनका पुण्य कार्य ही बंदरों को मौत के मुंह में धकेल रहा है।

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करीब पन्द्रह किमी के दायरे में फैले इस वन क्षेत्र के बीच से कोटा-रावतभाटा आने जाने का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। इनमें से कई वाहन सवार वन क्षेत्र में मौजूद बंदरों को खाने के लिए केले, रोटी सहित अन्य फल सड़क किनारे या बीच सड़क पर ही डाल जाते हंै। बंदर सड़क पर डाले गए फलों को खाने में व्यस्त रहते हंै। इस बीच वे तेज गति से आने वाले वाहनों की चपेट में आ जाते है। ऐसे में असमय बंदरों ही मौत हो जाती है। कई बार मृत बंदर के पास बड़ी संख्या में बंदरों का समूह बैठा रहता है। जिनके भी दुर्घटनाग्रस्त होने का अंदेशा बना रहता है।

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गत अक्टूबर माह में भी वाहन दुर्घटना में आधा दर्जन से अधिक बंदर अपनी जान गवां चुके। इससे पूर्व भी कई बंदर वाहन दुर्घटनाओं में काल का ग्रास बन चुके। इसके बाद भी न तो वन विभाग इनके संरक्षण के उपाय कर रहा और न ही फल डालने वाले वाहन चालकों को सावधान करने के लिए यहां चेतावनी बोर्ड लगाए गए।

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बंदर भी पहचानते हैं कई वाहन

प्रतिदिन बंदरों के समूह को वन क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर सड़क किनारे फल डालने वालों का इंतजार करते देखा जा सकता है। इतना ही नहीं कई वाहनों को तो बंदर पहचानते भी हैं। उक्त वाहन के आने व उसकी थोड़ी गति कम होते ही बंदर उसकी तरफ भागने लगते हैं। कई बार सड़क के बीच बैठे रहने वाले बंदर पीछे से आने वाले अन्य वाहन की टक्कर से दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है।

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मार्ग के दोनों और लगे जाली

कोटा से रावतभाटा के लिए प्रतिदिन अपडाउन करने वाले विष्णु सुमन, नीलेश जोशी, श्याम सिंह, राजेन्द्र ने बताया कि वन क्षेत्र में बंदरों को दुर्घटना से बचाने के लिए वन विभाग को सड़क के दोनों और लोहे की जालियां लगवानी चाहिए, ताकि बंदर सड़क पर नहीं आ सके।

लगाएंगे चेतावनी बोर्ड, करेंगे समझाइश

मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व कोटा के सहायक वन संरक्षक आरएस भंडारी ने बताया कि वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र में वन्य जीवों को सड़क पर किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री डालना या उन्हें सताना दंंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। वन अधिनियम की धारा के तहत 3 साल या इससे ज्यादा की भी सजा का प्रावधान है। वन क्षेत्र में जिन स्थानों पर बंदरों को लोग खाने-पीने की सामग्री डालते है, वहां विभाग की ओर से शीघ्र ही चेतावनी बोर्ड भी लगवाए जाएंगे तथा लोगों को उक्त स्थानों पर खाद्य सामग्री नहीं डालने के लिए समझाइश की जाएगी।