
चीतल। फोटो: पत्रिका
कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए प्रे-बेस बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। पिछले सप्ताह पुष्कर से पंद्रह चीतलों को मुकुंदरा हिल्स लाया गया था और अब जल्द ही शेष चीतल भी लाए जाएंगे।
पुष्कर डीयर पार्क से कुल 30 चीतलों को लाया जाना है, जिनमें से 15 को पहले ही स्थानांतरित किया जा चुका है। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक मुथु एस. के अनुसार शेष 15 चीतलों को शीघ्र ही लाया जाएगा। एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) ने पूर्व में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघों की शिफ्टिंग से पहले प्रे-बेस बढ़ाने की आवश्यकता जताई थी।
इसके बाद टाइगर रिजर्व में भरतपुर, दिल्ली और पुष्कर से करीब 300 सांभर व चीतलों को लाने की अनुमति दी गई। पुष्कर के बाद अब दिल्ली से 39 चीतल और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान भरतपुर से भी सांभर और चीतल लाए जाएंगे। भरतपुर से पूर्व में भी चीतल लाए जा चुके हैं।
वर्तमान में मुकुंदरा हिल्स में दो सब-अडल्ट मादा शावकों के अलावा एक शावक व एक बाघ-बाघिन की जोड़ी समेत कुल पांच बाघ हैं। अक्टूबर-नवंबर में रणथंभौर से एक और बाघ को लाने की योजना है। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के पेंच टाइगर रिजर्व से भी पांच बाघिनों को लाने की योजना है, जिनमें से दो बाघिनों को मुकुंदरा हिल्स में छोड़ा जाएगा।
आमतौर पर एक बाघ सालभर में 60 से 65 शिकार करता है। इस दृष्टि से जितने अधिक सांभर और चीतल होंगे, प्रे-बेस में उतनी ही अच्छी वृद्धि होगी।
Updated on:
18 Aug 2025 01:04 pm
Published on:
18 Aug 2025 01:04 pm
