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‘एजुकेशन बच्चों को कुचल रही, ये सलेक्शन नहीं, रिजेक्शन सिस्टम’, 44 मिनट में 4 महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोले राहुल गांधी

NEET Paper Leak Protest: री-नीट परीक्षा से पहले कोटा में आयोजित 'छात्रों की गूंज: कोटा महारैली' में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, पेपर लीक और छात्र आत्महत्या जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा।

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कोटा

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Akshita Deora

Jun 18, 2026

rahul gandhi kota visit

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के साथ राहुल गांधी। (फोटोः पत्रिका फोटोग्राफर नीरज)

Rahul Gandhi Kota Visit: कोटा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत का एजुकेशन सिस्टम पैसे लेने का सिस्टम है। यह जेब से पैसा निकालता है। सरकारी नौकरियां नाममात्र की देता है। एक हजार में से महज 12 युवाओं को सरकारी नौकरी मिल रही है। राहुल गांधी ने री-नीट परीक्षा से चार दिन पहले बुधवार देर शाम कोटा में 'छात्रों की गूंजः कोटा महारैली' में तीन हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि होना यह चाहिए कि आप बड़ा सपना देखें। उसे साकार करने का काम देश का एजुकेशन सिस्टम करे। उन्होंने इस सिस्टम को बदलने के लिए विद्यार्थियों से इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान करते हुए सुझाव भी मांगे।

राहुल ने नीट पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और बेरोजगारी समेत युवाओं के अन्य मुद्दों को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आगाज कोचिंग सिटी कोटा से किया। दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच परिसर में वे विद्यार्थियों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि एजुकेशन सिस्टम सिलेक्शन के लिए बच्चों को प्रेशराइज करता है, स्ट्रेस देता है, फिर रिजेक्ट करता है और ये देश के लिए सही नहीं है। शिक्षा व्यवस्था व वसूली तंत्र बन गई है। कार्यक्रम में केवल विद्यार्थियों को ही प्रवेश दिया गया, लेकिन राहुल के आने के कुछ देर बाद कार्यकर्ताओं और आमजन के लिए एंट्री चालू कर दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं की भीड़ जुटाने के लिए स्थानीय कांग्रेस नेता तीन-चार दिन से जुटे थे। कोचिंग इलाकों में नुक्कड़ नाटक जैसे आयोजन भी किए गए। युवाओं और छात्र-छात्राओं को आकर्षित करने के लिए संवाद से पहले म्यूजिक कॉन्सर्ट रखा गया। 44 मिनट के संबोधन में राहुल ने स्टूडेंट्स और परिवार से संवाद किया। उन्होंने कहा कि 'छात्रों की गूंज' सिर्फ अभियान नहीं एक क्रांति है।

44 मिनट के संबोधन में 4 महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोले राहुल गांधी

  1. एजुकेशन सिस्टमः राहुल ने कहा, नीट की तैयारी करने वाले बच्चों के परिवारों से हर साल 1.32 लाख करोड़ निकलते हैं। देश का शिक्षा बजट भी लगभग इतना ही 1.4 लाख करोड़ है। 3.5 लाख करोड़ 5 बड़ी परीक्षा की तैयारी में लगते हैं।
  2. बेरोजगारीः देश में 100 में से 80 इंजीनियर बेरोजगार हैं। तीन हजार युवाओं में से एक आइएएस, 30 आइआइटीयन और 180 ही डॉक्टर बन पाते हैं। बाकी के सपनों पर चोट हो जाती है। यह एजुकेशन नहीं, रिजेक्शन सिस्टम है।
  3. स्टूडेंट सुसाइडः आकांक्षा का सुसाइड लेटर बताते हुए कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण उसने आत्महत्या कर ली। यह उसकी नहीं, उसके परिवार की नहीं बल्कि एजुकेशन सिस्टम की गलती थी।
  4. युवा सपनेः बचपन से डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, आइएएस और सेना जैसे रोजगार के पांच विकल्प ही बताए जाते हैं। बच्चों की रुचि जानी ही नहीं जाती। मंच पर पांच स्टूडेंट्स व एक परिवार को बुलाकर राहुल ने उनके सपनों पर भी बात की।

युवा बोले- पेपरलीक सपने चकनाचूर होना जैसा…

मंच पर बुलाए गए पांच बच्चों ने मुखरता से राहुल गांधी से संवाद किया। छात्र-छात्राओं ने परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार पेपर लीक होना हमारे सपने चकनाचूर करने जैसा है। हम ईमानदारी और निष्ठा से मेहनत करते हैं, लेकिन सरकारी सिस्टम में घुसे माफिया पेपर चुराकर लीक कर देते हैं।

शिक्षा नगरी को इसलिए चुना…

  1. देशभर के युवाः यहां देशभर से डेढ़-दो लाख स्टूडेंट्स कोचिंग करने आते हैं। री-नीट से देश में सबसे अधिक स्टूडेंट्स कोटा में प्रभावित है।
  2. लोकसभा अध्यक्ष यहां सेः लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का संसदीय क्षेत्र है और राहुल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में है।
  3. सियासी मजबूतीः कोटा समेत पूरे हाड़ौती में कांग्रेस को मजबूती देना भी आयोजन की वजह रहा। कोटा कांग्रेस में गुटबाजी आए दिन सामने आती रही हैं।