
कोटा में पहली बार होगी इलेक्ट्रोनिक पायरो आतिशबाजी
कोटा. राष्ट्रीय दशहरा मेले का समापन इस बार बेहद भव्य होगा। विदाई की इस बेला पर पूरा कोटा पहली बार इलेक्ट्रॉनिक पायरो आतिशबाजी का गवाह बनेगा। एक घंटे से ज्यादा देर तक होने वाला भव्य आतिशी आयोजन पूरी तरह डिजिटलाइज्ड होगा। शुरुआत लाल व हरे रंग की रोशनी से तैयार राजस्थान पत्रिका के लोगो की आतिशबाजी से होगी।
बीते सवा सौ सालों में कोटा राष्ट्रीय दशहरा मेला का समापन इस बार सबसे ज्यादा भव्य होगा। विदाई की बेला को यादगार बनाने के लिए राजस्थान पत्रिका आरटेक ग्रुप के सहयोग से आतिशी खुशियों का पैगाम लेकर आएगा। ४ नवम्बर को दशहरा मेला मैदान के विजयश्री रंगमंच पर आसमान में एक के बाद एक रंग-बिरंगे आतिशी नजारे देखने को मिलेंगे। राजस्थान पत्रिका की ओर से शुरू कई गई आतिशबाजी की परम्परा को इस बार और भव्य बनाने के लिए डिजिटलाइज्ड आतिबाजी का आयोजन किया जाएगा। इसका सबसे खास आकर्षण डिजिटल थंडर होगा। लाल, हरे और पीले रंग के आतिशी फव्वारों का यह आइटम एक के बाद एक नौ बार चलेगा और पूरे आसमान को रंग-बिरंगी रोशनी से भर देगा।
ये भी होगा खास
आतिशबाजी की शुरुआत २१ हवाई तोपों की सलामी से होगी। इसमें अलग-अलग रंग और डिजाइन की हवाई आतिशबाजी छोड़कर शहरवासियों का स्वागत किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल पायरो आतिशबाजी का दूसरा खास आकर्षण माइन्स अटैक आतिशबाजी होगी। इसमें जमीन से आसमान में कई टार्गेट को एक ही शॉट में भेदते हुए रंगीन रोशनी की छटा बिखरती नजर आएगी। इससे पूरा आकाश सतंरगी अशर्फियों से भर उठेगा। आतिशबाजी के दौराना एक मौका ऐसा भी आयेगा, जिसमें आकाश में जाकर तेज आवाज व रोशनी के साथ सोने जैसी अशर्फियों की बरसात होगी। वहीं परपल पायरोस के जरिए जमीन से लेकर आसमान तक परपल कलर की लाइन बनाते हुए आसमान में विलीन होने वाली आतिशबाजी, गोल्डन माइन्स के जरिए आसमान में गोल्डन गुच्छे बनाते हुए तेज रोशनी करने वाली आतिशबाजी के साथ-साथ हल्की पावर भी दिखाई देगी। हरे रंग की इस आतिशबाजी की खासियत यह है कि यह चलाते समय छोटी दिखाई देती है, लेकिन जैसे-जैसे आसमान की ऊंचाइयों को छूती जाती है हरे रंग की बड़ी आकृतियां बनती जाती है
Updated on:
31 Oct 2018 09:47 pm
Published on:
31 Oct 2018 09:47 pm
