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Rajasthan Toll News Alert: आज ‘आधी रात’ बाद से महंगी होंगी टोल दरें, जानें NHAI की नई ‘रेट लिस्ट’

एनएचएआई (NHAI) ने कोटा संभाग और वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर टोल दरें बढ़ा दी हैं। किशोरपुरा टोल प्लाजा पर 20 जुलाई रात 12 बजे से नई दरें लागू हो गई हैं, जिससे कार चालकों की जेब पर असर पड़ेगा।
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कोटा

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Nakul Devarshi

Jul 20, 2026

Toll Plaza - File PIC

Toll Plaza - File PIC

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राजस्थान के कोटा संभाग, कोटा-बूंदी मार्ग और वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे के कुछ प्रमुख सेक्शंस पर टोल शुल्क में संशोधन की घोषणा कर दी है। संशोधित टोल दरें आज 20 जुलाई 2026 की रात 12 बजे से पूरे रीजन में प्रभावी होने जा रही हैं। इस वार्षिक टोल पुनरीक्षण/संशोधन का सबसे ज्यादा असर निजी कार, जीप और हल्के मोटर वाहन (LMV) चलाने वाले आम लोगों पर पड़ने वाला है। एक्सप्रेस-वे के मुख्य खंड पर कार श्रेणी के टोल में 7.40 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है, जबकि कुछ इंटरचेंज रूट्स पर यह बढ़ोतरी 10 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। इसके अलावा कोटा-बूंदी मार्ग पर स्थित किशोरपुरा टोल प्लाजा से गुजरने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों के लिए नई रेट लिस्ट जारी कर दी गई है। देवली-कोटा सेक्शन (NH-52) पर रोजाना आवाजाही करने वाले कम्यूटर, कोचिंग स्टूडेंट, बिजनेसमैन और ट्रांसपोर्टर्स के लिए अब सफर पहले से अधिक खर्चीला हो जाएगा।

वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भी बदला टोल ढांचा

कोटा संभाग से होकर गुजरने वाले वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस-वे के चालू सेक्शंस पर भी संशोधित टोल ढांचा लागू कर दिया गया है। मुख्य मार्ग पर कार चालकों के लिए 7.40 प्रतिशत और इंटरचेंज रूट्स पर लगभग 10 प्रतिशत तक टोल बढ़ा दिया गया है।

एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक यह बढ़ोतरी एनुअल टोल इंडेक्सेशन और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से जुड़ी वार्षिक प्रक्रिया का हिस्सा है। फास्टैग (FASTag) सिस्टम के जरिए ऑटोमैटिक तरीके से नई दरें सिस्टम में अपडेट कर दी गई हैं।

कार और एलएमवी चालकों के लिए नए रेट्स का गणित

अगर आप अपनी प्राइवेट कार, जीप या एलएमवी (Light Motor Vehicle) से कोटा, बूंदी या देवली हाईवे की तरफ जा रहे हैं, तो अब आपको अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी।

एकल यात्रा (Single Trip): कार, जीप और एलएमवी श्रेणी के वाहनों के लिए किशोरपुरा टोल प्लाजा पर सिंगल ट्रिप का टोल अब ₹175 तय किया गया है।

24 घंटे में वापसी (Return Trip): यदि आप 24 घंटे के भीतर वापस लौटते हैं, तो रिटर्न जर्नी का शुल्क ₹260 देना होगा।

मासिक पास (Monthly Pass): नियमित रूप से यात्रा करने वाले स्थानीय निवासियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए मंथली पास की कीमत ₹5,815 कर दी गई है।

मिनी बस और हल्के व्यावसायिक वाहनों (LCV) का नया शुल्क

कमर्शियल एक्टिविटी से जुड़े हल्के व्यावसायिक वाहनों और मिनी बसों के किराए और मेंटेनेंस कॉस्ट पर भी इस संशोधन का सीधा असर देखने को मिलेगा।

एकल यात्रा: एलसीवी (LCV) और मिनी बसों के लिए अब एक तरफ का टोल ₹280 चुकाना होगा।

24 घंटे में वापसी: 24 घंटे की समयसीमा के भीतर लौटने पर कुल ₹425 का टोल कटेगा।

मासिक पास: इस श्रेणी के वाहनों के लिए मंथली पास की नई दर ₹9,395 निर्धारित की गई है।

बस और ट्रक चालकों पर कितना बढ़ा बोझ?

राजस्थान और पड़ोसी राज्यों के बीच माल ढुलाई करने वाले भारी वाहनों, ट्रकों और पैसेंजर बसों के लिए भी एनएचएआई ने नई दरें लागू कर दी हैं।

एकल यात्रा: सामान्य बस और 2-एक्सल ट्रकों के लिए एक तरफ का टोल शुल्क ₹590 हो गया है।

24 घंटे में वापसी: 24 घंटे में दोनों तरफ की यात्रा करने पर यह शुल्क ₹885 लगेगा।

मासिक पास: ट्रांसपोर्टर्स के लिए बस और ट्रक का मंथली पास अब ₹19,690 में बनेगा।

व्यावसायिक और मल्टी-एक्सल वाहनों (3 से 7+ एक्सल) की रेट लिस्ट

इंडस्ट्रियल गुड्स और भारी मशीनरियों को ले जाने वाले कमर्शियल और मल्टी-एक्सल वाहनों के लिए नई दरें काफी ज्यादा रखी गई हैं।

3-एक्सल व्यावसायिक वाहन: सिंगल ट्रिप का ₹645, 24 घंटे में वापसी का ₹965 और मंथली पास ₹21,480 का होगा।

4 से 6 एक्सल वाहन: भारी ट्रकों के लिए सिंगल ट्रिप ₹925, वापसी यात्रा ₹1,390 और मंथली पास ₹30,875 कर दिया गया है।

7 या अधिक एक्सल वाहन: अति-भारी ट्रकों के लिए सिंगल ट्रिप का टोल ₹1,130, वापसी का ₹1,690 और मंथली पास ₹37,585 रखा गया है।

कोटा-बूंदी एनएच-52 और एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी पर प्रभाव

देवली-कोटा सेक्शन (NH-52) राजस्थान के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। यह मार्ग जयपुर, टोंक, बूंदी और कोटा को आपस में जोड़ता है।

डेली कम्यूटर्स पर असर: कोटा में कोचिंग पढ़ने वाले छात्रों के पैरेंट्स, कोटा-बूंदी के बीच रोज जॉब पर जाने वाले एम्प्लॉइज और लोकल वेंडर्स के बजट पर इस बढ़ोतरी का प्रभाव पड़ेगा।

माल ढुलाई और महंगाई: ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों पर टोल बढ़ने से फल, सब्जी, दूध और राशन जैसी दैनिक आवश्यक वस्तुओं की माल ढुलाई महंगी हो सकती है।