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ऑपरेशन पिंक से सुर्खियां बटौरने वाले शांति धारीवाल अपने शहर में शुरू करेंगे ऑपरेशन चम्बल !

. अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में जिन ताकतवर मंत्रियों को जगह मिली है उनमें से एक है हाड़ौती के दिग्गज नेता शांति धारीवाल।
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कोटा

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Rajesh Tripathi

Mar 09, 2019

kota news

ऑपरेशन पिंक से सुर्खियां बटौरने वाले शांति धारीवाल अपने शहर में शुरू करेंगे ऑपरेशन चम्बल!

कोटा. अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में जिन ताकतवर मंत्रियों को जगह मिली है उनमें से एक है हाड़ौती के दिग्गज नेता शांति धारीवाल। वे इस कैबिनेट में अकेले ऐसे मंत्री है जिन्हें उनका पंसदीदा मंत्रालय स्वायत शासन मिला है। सूबे के पूर्व गृह मंत्री रह चुके धारीवाल को स्वायत शासन मंत्री बनाए जाने की पीछे एक बड़ी वजह ऑपरेशन पिंक भी है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान ऑपरेशन पिंक की वजह से देशभर में सुर्खियां बटौरने वाले धारीवाल से अब उनके अपने शहर कोटा को भी ऐसे ही किसी ऑपरेशन की दरकार है।

अतिक्रमण से घिरा चम्बल वालों का शहर
कोटा शहर और उसके आसपास शायद ही कोई इलाका शेष हो जहां अतिक्रमण ने पैर न पसारे हों। शहर में अतिक्रमियों के हौसले कितने बुलंद हैं, इस बात का पता शहर की कई कॉलोनी में देखने को मिल जाता है। घरों के आगे खाली पड़ी सरकारी जगह पर करीब 10 से 15 फीट तक अतिक्रमण कर दुकानें खोल ली हैं। किसी ने गार्डन तो किसी ने पार्किंग के नाम पर चारों ओर लोहे की जाली लगाकर टीनशेड डाल लिए। इंद्रा मार्केट, स्टेशन रोड, सीएडी से लेकर कई ऐसे इलाके हैं जहां कार को दूर मोटरसाइकिल भी पार्क नहीं कर सकते। मुकुंदरा टाइगर रिजर्व, नगर निगम ,न्यास और यहां तक की रेलवे की करोड़ों की जमीनों को भी अतिक्रमियों ने नहीं बख्शा है।

क्या है ऑपरेशन पिंक...
आज राजधानी जयपुर के कई हिस्सों में बड़ी और चौड़ी सड़कें नजर आती है उसका बड़ा श्रेय शांति धारीवाल को भी जाता है। इसकी शुरुआत गहलोत सरकार के पहले कार्यकाल से हो चुकी थी। तब शहरों में बढ़ती आबादी ताथा विस्तार के कारण सुगम यातायात की समस्या भीषण होती जा रही थी। राजस्थान के शहरों में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही थी। इसलिए सड़कों को चौड़ा करना और अतिक्रमण हटाना जरूरी था। इस काम को करना आसान नहीं था। लेकिन लोगों की नाराजगी की चिंता न करते हुए पूरे प्रदेश में व्यापक अभियान चलाया गया। जयपुर में इसे ऑपरेशन पिंक का नाम दिया गया।

ऐतिहासिक काम हुए...
ऑपरेशन पिंक की वजह से सबसे बड़ा ऐतिहासिक काम जयपुर शहर के भीतरी भाग में स्थित जौहरी बाजार, रामगंज, त्रिपोलिया बाजार, किशनपोल और चौड़ा रास्ता में हुए। फुटपाथ छोटे किए गए। बची जगह सरकार के कब्जे में ली गई जहां वर्षो तक व्यापारियों का कब्जा था।