
फोटो- पत्रिका नेटवर्क
Rajasthan News: राजस्थान के शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को कोटा जिले की लाडपुरा पंचायत समिति के अंतर्गत ग्राम पंचायत बोराबास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का औचक निरीक्षण किया। शिविर में अव्यवस्था और कर्मचारियों की लापरवाही देखकर मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर ही एसडीएम को फोन पर फटकार लगाई और उपस्थिति रजिस्टर में नोट लिखकर लापरवाह कर्मचारियों की जवाबदेही तय की।
शिविर का निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक था, लेकिन जब मंत्री सुबह 10:15 बजे शिविर स्थल पर पहुंचे तो वहां का दृश्य निराशाजनक था। टेंट तो लगा हुआ था, लेकिन कुर्सियां खाली पड़ी थीं और अधिकतर कर्मचारी नदारद थे। 18 विभागों के कर्मचारियों को शिविर में उपस्थित रहना था, लेकिन केवल 3-4 विभागों के कर्मचारी ही मौके पर मौजूद मिले। यह देखकर मंत्री ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
मंत्री दिलावर ने मौके से ही उपखंड अधिकारी गजेंद्र सिंह को फोन किया और शिविर की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि शिविर का समय क्या है? एसडीएम ने जवाब दिया कि शिविर सुबह 9:30 बजे से शुरू होना था। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 10:15 बजे हो गए हैं, लेकिन शिविर अभी तक शुरू नहीं हुआ। कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं है।
शिविर में मौजूद मंडाना के नायब तहसीलदार लेखराज स्वामी ने सफाई दी कि वे समय पर पहुंच गए थे, लेकिन पंचायत कार्यालय के कमरे में बैठे थे, क्योंकि ग्रामीणों के आने का इंतजार कर रहे थे। इस पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल किया कि क्या शिविर कमरे में आयोजित करने के निर्देश हैं? नायब तहसीलदार के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था।
इसके बाद मंत्री ने उपस्थिति रजिस्टर मांगा और उसमें नोट लिखा कि 10:27 बजे तक केवल उपरोक्त कर्मचारी ही उपस्थित थे, वे भी कमरे के अंदर बैठे थे। रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर समय भी अंकित किया।
निरीक्षण के दौरान शिविर स्थल पर अव्यवस्था साफ नजर आई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं मंत्री को देखकर आनन-फानन में कुर्सियों के पीछे बैनर लगाने में जुट गईं। कर्मचारियों की अनुपस्थिति और शिविर के देरी से शुरू होने की वजह से ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, मंत्री के पहुंचने के बाद कर्मचारी जल्दबाजी में शिविर स्थल पर पहुंचे और व्यवस्था बनाने की कोशिश की।
मंत्री दिलावर लगभग एक घंटे तक शिविर में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। शिविर में सरपंच अर्जुन गुंजल, सहायक खंड विकास अधिकारी सत्येंद्र मीणा और ग्राम विकास अधिकारी सौरभ शर्मा भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद शिविर औपचारिक रूप से 10:37 बजे शुरू हुआ।
मदन दिलावर ने इस मौके पर स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति और लापरवाही इस मकसद को कमजोर करती है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोहराई गई तो सख्त कार्रवाई होगी।
Published on:
04 Oct 2025 02:53 pm
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