5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आरपीएफ के जवान संदीप ने देखा…पैंथर ने करीब रात 1 बजे गाय पर हमला किया और भाग गया

गलवार रात व बुधवार दिनभर आर्मी क्षेत्र, भदाना स्थित सरस्वती कॉॅलोनी की सभी 17 गलियों, स्टेशन क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में टीमों ने नजर रखी।
2 min read
Google source verification

कोटा

image

Rajesh Tripathi

Feb 07, 2019

kota news

आरपीएफ के जवान संदीप ने देखा...पैंथर ने करीब रात 1 बजे गाय पर हमला किया और भाग गया

कोटा. पैंथर को पकडऩे के लिए वन विभाग, नगर निगम समेत अन्य टीमों की गश्त लगातार जारी है। मंगलवार रात व बुधवार दिनभर आर्मी क्षेत्र, भदाना स्थित सरस्वती कॉॅलोनी की सभी 17 गलियों, स्टेशन क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में टीमों ने नजर रखी।
नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि मंगलवार रात को रेलवे कॉलोनी में सोफिया स्कूल के पीछे थाने वाली गली में पैंथर ने करीब रात 1 बजे हमला किया। लोगों की आवाज से वह भाग गया। गाय पर हमला करने के बाद भागते हुए पैंथर को आरपीएफ के जवान संदीप ने देखा था। घायल गाय का बाद में उपचार किया गया। व्यास ने बताया कि मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ निगम के गोताखोर की रेस्क्यू टीम के जवान जाल, डंडे, हैलमेट, सेफ्टी शूट के साथ पिछले तीन दिनों से रात में गश्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरस्वती कॉलोनी में तो एक पिंजरा लगाकर उसमें बकरा बांध रखा है।

उन्होंने बताया कि सरस्वती कालोनी में रहने वाले राहुल कलाल के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में पैंथर का फोटो कैद हो गया था। सीसीटीवी में फोटो देखने के बाद कॉलोनी के लोग पूरी रात जागकर गुजार रहे हैं। लोग छतों पर बैठे रहते हैं। कॉलोनी की गलियों में लोग जगह-जगह कारों में शीशे बंद कर उनमें बैठे रहते हंै और पैंथर की निगरानी कर रह हैं।

इधर..एक सप्ताह से बाघ टी-98 हुआ लापता

सुल्तानपुर. क्षेत्र में रणथम्भौर से भटककर सुल्तानपुर वन क्षेत्र में पहुंचे बाघ टी-98 का 7 दिन से कोई सुराग नहीं लग पा रहा है। वनकर्मी वन क्षेत्र में ट्रेकिंग के नाम पर पदचिन्हों की तलाश कर रहे हैं लेकिन बाघ का न तो कहीं कोई निशान मिल रहा न ही कोई शिकार। ऐसे में वन्यजीव प्रेमियों में मायूसी है। इस बीच बाघ क ी कोई लोकेशन पता नहीं चलने पर सहायक वन संरक्षक तरुण मेहरा ने टाइगर प्रोजेक्ट विभाग को पत्र लिखकर टाइगर ट्रेकिंग में एक्सपर्ट लोगों को भेजकर मदद करने का आग्रह किया है। वन विभाग की 4-4 सदस्यों की कुल 4 टीमें प्रतिदिन जंगलों में बाघ के पगमार्क तलाश रहे हैं।


हो सकता है लौट गया

एसीएफ मेहरा ने बताया कि सुल्तानपुर क्षेत्र में चम्बल नदी किनारे को छोड़ कुल 423 हैक्टेयर क्षेत्र में जंगल फैला हुआ है। नियमित ट्रेकिंग की जा रही है। सात दिन से बाघ टी-98 के न तो कोई पगमार्क मिले न ही कोई शिकार किया हुआ मिला। संभव है बाघ जिस रास्ते से आया उसी रास्ते रणथम्भौर लौट गया है।