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पुलिसकर्मी की करतूत, फर्जी दस्तावेज और नक्शे बनाकर महिला से ठगे लाखों रुपए..जानिए पूरा मामला

पीडि़त महिला का आरोप, पुलिस नहीं कर रही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, दूसरे की जमीन स्वयं की बताकर बेच डाली  
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कोटा

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Rajesh Tripathi

May 14, 2019

kota news

पुलिसकर्मी की करतूत, फर्जी दस्तावेज और नक्शे बनाकर महिला से ठगे लाखों रुपए..जानिए पूरा मामला

कोटा. आमजन की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस निभाती है, लेकिन जब पुलिसकर्मी ही लोगों से धोखाधड़ी करने लगे तो आमजन किस पर विश्वास करे। कुछ ऐसा ही हुआ कोटा निवासी अनुपमा खंडेलवाल के साथ। उन्होंने एक पुलिसकर्मी के विश्वास में आकर बूंदी रोड पर भूखंड खरीद कर उसके ऐवज में 4,90,000 रुपए का भुगतान कर दिया। बाद में उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। अब अनुपमा व परिजन पुलिस अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने व रकम वसूली के लिए गुहार लगा रहे हैं।

बसंत विहार निवासी अनुपमा खंडेलवाल ने वर्ष 2016 में तालेड़ा थाने में दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि उसने बूंदी रोड पर तालेड़ा तहसील के जाखमुन्ड में लेक व्यू ग्रीन फार्म हाउस में सेवानिवृत पुलिसकर्मी विजयसिंह व प्रोपर्टी डीलर अब्दुल शरीफ उर्फ गुड्डू से एक भूखंड जी-6 सौ रुपए फीट की दर से खरीदा था। दोनों ने 48 बीघा 6 बिस्वा जमीन अपनी खरीदशुदा बताते हुए फर्जी नक्शें व दस्तावेज बनाकर 72 भूखंड बेचकर करीब 3 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी कर डाली। इसमें एएसआई सूर्यवीर सिंह भी उनके साथ था। उसने डेढ़ लाख रुपए स्वंय के नाम से चेक से लेकर अपने खाते में जमा करवाए थे। इस मामले में पुलिस ने तीन साल जांच में ही निकाल दिए।

मामले की शिकायत करने पर बूंदी एएसपी ने आरोपियों से भूमि के कागजात, जमीन की तरमीन करवाने, जमीन पर सड़क, नहर पर पुलिया बनवाने तथा ब्रोशर व यूआईटी नियमों के हिसाब से कॉलोनी का विकास करवाने, जमीन के खातेदारी की बकाया रकम का भुगतान करने, पड़ोसी खातेदार की भूमि की पैमाइश कर उसे वापस देना, भूखंडों की रजिस्ट्री करवाने के लिए जुलाई 2018 तक का समय दे दिया। लेकिन इसके बाद भी आरोपियों ने ये शर्तें पूरी नहीं की। इतना समय निकल जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।