
कोटा . मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की विजिट के चलते प्रोटाकॉल में आई चिकित्सा टीम शुक्रवार को बिना दवाओं के ही एयरपोर्ट पहुंच गई। सीएम की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों ने एम्बुलेंस को चैक किया तो उसमें केवल इंजेक्शन थे, दवाएं नहीं थी। अधिकारियों ने दवाओं के बारे में पूछा तो चिकित्सा दल के हाथ पैर फूल गए। चिकित्साकर्मियों ने तत्काल नर्सिंग अधीक्षक को फोन किया और एमबीएस अस्पताल से दवा मंगवाई। हालांकि मुख्यमंत्री के आने से पूर्व दवाएं आ गई, लेकिन अधिकारियों ने सीएम की व्यवस्थाओं में चूक को गंभीर लापरवाही माना।
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सामान्य दवाएं थी डिब्बे में
चिकित्सा दल के प्रभारी डॉ. राजेश सागर ने बताया कि एमबीएस से एम्बुलेंस रवाना हुई तो एक कॉर्टन वहीं रह गया था, जिसमें गर्मी से सम्बंधित दवाएं, ओआरएस व अन्य दवाएं थी। जिसे कुछ देर बाद ही मंगवा लिया गया था।
ये रहे उपस्थित
मुख्यमंत्री के साथ सांसद दुष्यंत सिंह भी कोटा पहुंचे। हाइवे अड्डे पर सांसद ओम बिरला, विधायक भवानी सिंह राजावत, चन्द्रकांता मेघवाल, विद्याशंकर नन्दवाना, संदीप शर्मा, कलक्टर गौरव गोयल, एसपी अंशुमन भौमिया सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पहले भी हो चुकी चूक
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 27 अप्रेल को भारत विकास परिषद के मेडिकल कॉलेज व कैंसर हॉस्पिटल के शिलान्यास समारोह में कोटा आई थी, उस समय भी उनकी सुरक्षा में चूक हो गई थी। प्रशासन की लापरवाही से हैलीकॉप्टर को आरएसी ग्राउंड की जगह एयरपोर्ट पर लैंड कराना पड़ा था।
मुख्यमंत्री जैसे ही झालावाड़ से कोटा के लिए रवाना हुई तो किसी ने पायलट को ये सूचना नहीं दी की हैलीकॉप्टर को कहां उतारना है। इस दौरान पायलट ने एयरपोर्ट पर हैलीकॉप्टर उतार दिया। यहां सुरक्षा के लिए एक भी जवान दिखाई नहीं दिया तो पायलट ने सम्पर्क किया और आरएसी ग्राउंड पर जाकर वापस हैलीकॉप्टर उतारा।
यदि कोई कार्रवाई का आदेश आएगा तो सम्बंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी। दवाओं का डिब्बा अस्पताल
में भूलना लापरवाही है।
-डॉ. नवीन सक्सेना, अधीक्षक एमबीएस
Updated on:
12 May 2018 12:31 pm
Published on:
12 May 2018 12:35 pm
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