
रणवीर हत्याकांड: शॉर्प शूटरों ने बेहद नजदीक से सिर पर मारी थी 4 गोलियां, मरने के बाद भी अंधाधुन बरसाई गोलियां
कोटा. श्रीनाथपुरम स्टेडियम के मुख्य द्वार पर रविवार शाम हमलावरों ने हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा मौत के घाट उतार दिया। ( Ranveer Chaudhary murder case ) पुलिस के मुताबिक हत्यारे शॉर्प शूटर थे। इनके शिवराज गैंग से जुड़े होने की पूरी आशंका है। रणवीर चौधरी ने स्टेडियम पहुंचने के बाद जैसे ही गाड़ी खड़ी की, वहां पहले से मौजूद कुछ युवकों ने आवाज दी। इसके बाद उनके बीच बातचीत हुई, लेकिन कुछ ही देर में हाथापाई होने लगी। इसके बाद चौधरी वहां से जाने लगा तो हथियारों से लैस युवकों ने उसे पीठ और कंधे पर गोली मारी। इसके बाद चौधरी बचने के लिए भागने लगा तो शूटरों ने बेहद नजदीक से चार गोलियां उसके सिर में मारी। इससे उसके सिर के परखच्चे उड़ गए। हत्यारे वरादात को अंजाम देकर श्रीनाथपुराम स्टेडियम से बड़ी आसानी से निकल भागे और शिवपुरा स्थित बरड़ा बस्ती में हत्या में इस्तेमाल की गई कार खड़ी की। इसके बाद यहां पहले से खड़ी बाइकों पर सवार होकर वह भाग निकले। देर रात पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज भी लग गए, जिनमें हत्यारे भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूरे हत्याकांड को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।
हमलावरों ने सिर को निशाना बनाकर बेहद नजदीक से करीब पांच-छह गोलियां मारी। जिसकी वजह से उसके सिर के परखच्चे उड़ गए। युवक के मरने के बाद भी कुछ गोलियां चलाई। वारदात के समय स्टेडियम में अच्छी खासी भीड़ लगी थी। फायरिंग की आवाज सुनकर जब लोग बाहर निकल कर आए तो हमलावर हवाई फायर कर सरस डेयरी की ओर भाग निकले लेकिन भागने की कोशिश में छोड़े सुरागों से पुलिस उनके बेहद नजदीक जा पहुंची है।
गैंगवार या जमीन विवाद
हत्या को पुलिस शिवराज और भानुप्रताप गैंग के बीच लंबे समय से चली आ रही अदावत को भी मान रही है। चौधरी दोनों ही गैंगों में शामिल रहा है और फिलहाल इनसे अलग काम कर रहा था। हालांकि पिछले कई महीनों से वह सिर्फ जमीन के काम से जुड़ा हुआ था। पुलिस चौधरी की हत्या को जमीनों पर अवैध कब्जे और उनकी खरीद फरोख्त से भी जोड़कर देख रही है। आरकेपुरम थाने में देर रात तक उसके नजदीकियों से पूछताछ चलती रही।
Published on:
23 Dec 2019 02:07 am
