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जिस रास्ते से फरार होना था उसी जगह लिया किराए पर कमरा, 8 मिनट में ही कोटा पार कर गए लुटेरे

मणप्पुरम् गोल्ड लोन फाइनेंस कम्पनी से 27 किलो सोना लूटने की वारदात को अंजाम देने वाले डकैत 7 दिन से कोटा में रुके थे।
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कोटा

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Zuber Khan

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Updated: 26 Jan 2018, 8:47 AM IST

 Robbery in kota

कोटा . मणप्पुरम् गोल्ड लोन फाइनेंस कम्पनी से 27 किलो सोना लूटने की वारदात को अंजाम देने वाले डकैत 7 दिन से कोटा में रुके थे। यहां रायपुरा की मानसरोवर कॉलोनी में किराए का मकान लिया और साजिश को अंजाम तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार किया। उन्होंने पहले शहर के उन इलाकों की रैकी की जहां से लूट के बाद फरार होने में आसानी हो। 4 डकैतों में से 2 ने शहर के उन चौराहों का जायजा लिया जहां उनको ट्रेफिक कम मिले।

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वहीं, दो बदमाशों ने फायनेंस कम्पनी में जाकर सोने की चेन पर लोन लेने के बहाने से रैकी की। फूल फू्रफ प्लानिंग के बाद ही लुटेरों ने धावा बोला और तीन मिनट में ही 8 करोड़ का सोना लूट ले गए। इतना ही नहीं वारदात के 8 मिनट बाद ही बदमाश शहर छोड़ चुके थे। पुलिस कुछ समझ पाती तब तक वे कोटा की सीमा से 240 किमी दूर पहुंच चुके थे।

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सूत्रों के अनुसार सोना लूट की वारदात के बाद लुटेरों के सीसीटीवी फुटेज जारी होने पर कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि लुटेरों के हुलिए वाले लोगों को रायपुरा स्थित मान सरोवर कॉलोनी के एक मकान में देखा गया था। सूचना पर पुलिस टीमें मकान पर पहुंची। लुटेरे जिस कमरे में ठहरे थे, वहां बिहार के अखबार व अन्य संदिग्ध वस्तुएं मिली।

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पुलिस ने उस कमरे को सील कर दिया है। मकान मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही। पुलिस ने उस मकान के आस-पास के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले। उनमें भी 3 लुटेरे आते-जाते नजर आए। लुटेरों ने कॉलोनी में किराने की दुकान पर जाकर कमरा खाली होने की जानकारी की थी। वहींं से उन्हें इस मकान में कमरा खाली होने का पता चला।

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आईडी तक नहीं मांगी
सूत्रों के अनुसार लुटेरे जिस मकान में किराए से ठहरे थे। उस मकान के मालिक ने उन्हें कमरा किराए पर देने से पहले उनकी आईडी तक नहीं ली। लुटेरों ने जो मोबाइल नम्बर दिए थे वे भी गलत होने से बंद आ रहे हैं।

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होटल खंगाल रही
इधर, पुलिस लुटेरों के होटलों में ठहरने की संभावना पर उनका रिकॉर्ड खंगाल रही है, जबकि लुटेरे होटल में नहीं ठहरकर एक मकान में ठहरे। लुटेरों ने ऐसे इलाके का चयन किया जहां से वे पुलिस की निगाह में न आ पाएं और उन्हें शहर से भागने में भी आसानी हो। लुटेरे मंशा में कामयाब हो भी गए।

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नाकाबंदी में भी चूक
लूट के कुछ देर बाद ही पुलिस को वारदात का पता चल गया। बाइक नम्बर व उनकी पहचान होने के बाद पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी करवाई। फिर भी लुटेरे शहर से बाहर निकल गए। जाहिर है, नाकाबंदी में चूक बड़ी चूक रही।

पुलिस को भनक तक नहीं
सूत्रों के अनुसार अभी तक की जानकारी के मुताबिक लुटेरे बिहार के ही लग रहे हैं। उनमें से एक चेहरे से नेपाली जैसा लग रहा था। लुटेरे बाहरी राज्य से आकर कोटा में ठहरे। यहां कमरा भी किराए पर ले लिया और 27 किलो सोना लूटकर आसानी से शहर से बाहर भाग भी गए। लेकिन न तो मकान मालिक को पता चला और न ही पुलिस को भनक लगने दी। पुलिस की खुफिया एजेंसी व आईबी की टीमों तक भी भनक नहीं लगना सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल है।