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सहीराम रिश्वत कांड : थमने का नाम नहीं ले रहा संपत्तियों के खुलासे का सिलसिला, घूस से खड़ी की कंस्ट्रक्शन कंपनी और गारमेंट फेक्ट्री

प्रताप नगर में मुम्बईवाला रेस्टोरेंट और सीतापुरा इंडस्ट्रीयल एरिया में मिली गार्मेंट फेक्ट्री  
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कोटा

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Rajesh Tripathi

Feb 03, 2019

corruption

सहीराम रिश्वत कांड : थमने का नाम नहीं ले रहा संपत्तियों के खुलासे का सिलसिला, घूस से खड़ी की कंस्ट्रक्शन कंपनी और गारमेंट फेक्ट्री


कोटा. रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचे गए नारकोटिक्स के अतरिक्त आयुक्त सहीराम मीणा की संपत्तियों का खुलासा थमने का नाम नहीं ले रहा है। 400 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियां उजागर होने के बाद अब घूस की रकम से जयपुर में गारर्मेंट फेक्ट्री, कंस्ट्रक्शन कंपनी, टायर एजेंसी और गार्डेन रेस्टोरेंट खोलने का खुलासा हुआ है। एसीबी संपत्तियों की जांच में जुटी है।

घूस की रकम से सहीराम ने सिर्फ जमीन-जायदाद ही खड़ी नहीं की, बल्कि सूबे की राजधानी जयपुर में इंडस्ट्रीयल एंपायर भी खड़ा कर लिया था। एसीबी की जांच में सहीराम की संपत्ति को लेकर एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं। ताजा खुलासे के मुताबिक सहीराम ने रिश्वत की रकम से बेटे मनीष के लिए जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में गार्मेंट फैक्ट्री खुलवाई। जिसमें दर्जन भर नामचीन ब्रांडों के रेडीमेड कपड़े तैयार किए जाते हैं। इसके साथ ही जयपुर स्थित प्रताप नगर जैसे पॉस इलाके में मुम्बईवाला नाम से एक गार्डन रेस्टोरेंट भी सामने आया है। लक्ष्मी फीलिंग सेंटर नाम से मिले पेट्रोल पंप पर मनीष मुम्बईवाला रेस्टोरेंट में ऑर्डर बुक करने को लिए गए दो फोन नंबरों का ही इस्तेमाल करता है।

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बहू-बेटे की कंस्ट्रक्शन कंपनी

काली कमाई को खपाने के लिए सहीराम को जमीन-जायदाद और कंस्ट्रक्शन का धंधा ही सबसे ज्यादा जंचता था। इसलिए उसने प्रयास बिल्डस्टेट प्राईवेट लिमिटेड के नाम से कंस्ट्रक्शन कंपनी भी खोल ली। 27 नंबर 2013 को रजिस्टर्ड हुई इस कंपनी में बेटे मनीष मीणा और बहु विजय लक्ष्मी मीना को डायरेक्टर बना दिया। कंपनी का रजिस्ट्रेशन भी मुम्बईवाला रेस्टोरेंट के पते पर ही कराया गया था। हालांकि 7 सितंबर 2015 को सहीराम ने कागजों में तो कंपनी बंद कर दी, लेकिन प्रयास बिल्डस्टेट के नाम से जमीनों का कारोबार जारी रखा। इसके साथ ही गणपति प्लाजा में बुटीक और प्रताप नगर में एमजी टायर्स के नाम से नामचीन टायर कंपनी की एजेंसी होने का भी खुलासा हुआ है।

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भारी पड़ा हनक जमाना

सहीराम समाज में अपनी हनक बढ़ाने के लिए एक मैग्जीन भी छापता था। अपने बेटे को उसने मैग्जीन का संपादक बना रखा था। मैग्जीन के प्रवेशांक में सहीराम ने बेटे की धाक जमाने के लिए बकायदा उसका प्रोफाइल छापा। जिसमें गार्मेंट फेक्ट्री, बुटीक और रेस्टोरेंट का मालिक बताया था। मैग्जीन की कॉपी जांच एजेंसियों के हाथ लगने के बाद इन संपत्तियों का खुलासा हुआ है।

बेटा-बीबी भी राजनीति में

सहीराम ने इसी मैग्जीन में दावा किया है कि उसकी पत्नी प्रेमलता मीणा भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता हैं और पिछले 20 सालों से सवाई माधोपुर जिले में पार्टी की गतिविधियों में सक्रियता से शामिल रही हैं। वर्ष 2008 के बाद से तो सभी चुनावों में पत्नी ने बेटे मनीष के साथ मिलकर सभी चुनावों में सक्रियता से काम किया और भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के प्रयास किए। दौसा, सवाई माधोपुर और करौली जिलों में पूर्व मुख्यमंत्री की यात्रा को सफल बनाने में भी सहयोग दिया और जनता के बीच जाने का मौका भी मिला।