Rajasthan ka Ran : 1967 से अब तक रामगंजमंडी में नहीं बनी हैट्रिक
कोटा. कोटा स्टोन और धनिया उत्पादन के लिए देशभर में प्रसिद्ध रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र का 1967 से अब तक का इतिहास रहा है कि किसी भी प्रत्याशी की यहां हैट्रिक नहीं बनी।
तीसरी बार चुनावी मैदान में उतरे, लेकिन जीत का सेहरा नहीं बंध पाया। चुनावी हलचल के बीच इस बार तीसरी बार विधायक चन्द्रकांता मेघवाल भाजपा से दावेदारी जता रही हैं। उनके लिए इस बार इतिहास बदलने का मौका होगा।
पत्रिका ने इस विधानसभा के 1967 से 2013 तक के आंकड़ों की जानकारी जुटाई तो यह रोचक तथ्य सामने आया। 1967 से 2003 तक यह विधानसभा क्षेत्र सामान्य वर्ग के लिए था। बाद में 2008 में परिसीमन पर यह विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए आरक्षित हो गई।
भाजपा के दिग्गज नेता रहे हरिकुमार औदिच्य की विधानसभा सीट के नाम से यह जानी जाती थी। औदिच्य ने यहां से चार बार भाग्य आजमाया था। इसमें दो बार विजयी हुए और दो बार पराजित हुए। औदित्य एक बार मंत्री भी रहे।
रामगंजमंडी सीट पर 1967 से 2013 तक कुल 11 बार विधायक निर्वाचित हुए। इसमें आठ बार भाजपा के प्रत्याशी विजयी हुए, जबकि कांग्रेस ने तीन बार ही यहां से जीत दर्ज की।