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56 इंच का सीना रखते हो तो आज ही उड़ा दो पाकिस्तान, तुम न कर सको तो हमें बता दो…पढि़ए शहीद के भाई का दर्द

56 इंच का सीना रखते हो ना... तो आज ही उड़ा देना पाकिस्तान को... और हां, तुम न कर सको तो हमें बता देना... हेमराज शहीद हो गया तो ये मत समझना कि पाकिस्तान से खौफ खा बैठे...
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कोटा

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Zuber Khan

Feb 15, 2019

terror attack in pulwama

56 इंच का सीना रखते हो तो आज ही उड़ा दो पाकिस्तान, तुम न कर सको तो हमें बता दो...पढि़ए शहीद के भाई का दर्द

कोटा. 56 इंच का सीना रखते हो ना... तो आज ही उड़ा देना पाकिस्तान को... और हां, तुम न कर सको तो हमें बता देना... हेमराज शहीद हो गया तो ये मत समझना कि पाकिस्तान से खौफ खा बैठे... अभी तो उसके तीन भाई जिंदा हैं और अकेले ही दम पर पाकिस्तान को नेस्तेनाबूत करने का दम रखते हैं।

BIG Breaking : पुलवामा आतंकी हमले में कोटा का वीर जवान हेमराज मीणा शहीद

पुलवामा में आतंकी हमले में कोटा जिले के विनोदखुर्द गांव के निवासी सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल हेमराज मीणा भी शहीद हुए हैं। हेमराज के शहीद होने की खबर सुनते उनके बड़े भाई रामविलास मीणा गुस्से से आग बबूला हो उठे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस घटना का बदला लेने की मांग की।

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राजस्थान पत्रिका से बात करते हुए रामविलास ने कहा कि 70 साल से पाक की नापाक हरकतें हम क्यों बर्दाश्त कर रहे हैं। सिर्फ राजनीति की रोटियां सेकने के लिए। बर्दाश्त की भी हद होती है। सियासत कितनी मांओं की कोख और उजड़वाएगी। कितनी औरतों को बेवा देखना चाहते हो। बस करो, बहुत हो गया। हेमराज का परिवार प्रधानमंत्री से लेकर पूरी भारत सरकार से एक ही वायदा चाहता है... पाकिस्तान का खात्मा। हम खुलकर कहते हैं कि मातृभूमि पर मिटने वाले अपने भाई की चिता को तभी आग लगाएंगे, जब सरकार पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देगी।

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दुख और आक्रोश की लहर
हेमराज की शहादत की खबर लगते ही उनके पैत्रिक गांव विनोद खुर्द में दुख और आक्रोश की लहर दौड़ पड़ी। ग्रामीणों ने बताया कि इसी मंगलवार को हेमराज गांव आए थे, लेकिन किसी को क्या पता था कि अब वो फिर कभी लौटकर नहीं आएंगे। ग्रामीणों ने आतंकी हमले की भर्तसना करते हुए सरकार से तत्काल जवाबी कार्रवाई की मांग की है। हेमराज के तीनों भाई, पिता हरदयाल और मां रतना बाई के साथ गांव में ही रहते हैं। हैं। रामविलास ने बताया कि हेमराज की पत्नी व बच्चे सांगोद की सेन कॉलोनी में रहते हैं। बच्चे वहीं पढ़ते हैं।