
जम्मू में तेज बारिश, फंसी शहीद की पार्थिव देह, इंतजार में परिजनों की कैसे गुजरी रात...पढिए हर लम्हे की दास्तां
कोटा. आतंकी हमले के बाद जम्मू कश्मीर में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि के चलते शहीद हेमराज की पार्थिव देह कोटा के लिए रवाना नहीं हो सकी। पूर्व विधायक हीरालाल नागर ने सीआरपीएफ मुख्यालय और जम्मू कैंप में मौजूद सीआरपीएफ अफसरों से बात कर जल्द से जल्द पार्थिव शरीर कोटा भिजवाने का इंतजाम करने को कहा।
हेमराज मीणा के शहीद होने की खबर मिलते ही उनके भाई राम विलास ने सांगोद के पूर्व विधायक हीरालाल नागर को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद पूर्व विधायक ने सीआरपीएफ मुख्यालय और कैंप ऑफिस में मौजूद अफसरों से बात कर पूरी स्थिति की जानकारी ली। नागर ने बताया कि सैन्य अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी है कि जम्मू कश्मीर में तेज बारिश होने के कारण वह शहीदों की पार्थिव देह उनके घर रवाना नहीं कर पा रहे हैं। जैसे ही बारिश थमती है इस काम में जुट जाएंगे। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि शुक्रवार शाम तक या फिर शनिवार सुबह तक शहीद हेमराज की पार्थिव देह उनके घर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
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दो दिन पहले ही लौटे थे
हेमराज 12 फरवरी को ही छुट्टियां खत्म कर सांगोद से वापस लौटे थे। लौटते ही उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन कर ली। वर्ष 2009 में सीआरपीएफ ज्वाइन करने वाले शहीद हेमराज बेहद मिलनसार और दिलेर इंसान थे। जब भी घर आते परिजनों और दोस्तों से मिलने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उनका परिवार दस साल से सांगोद में रह रहा है। करीब छह साल किराए के मकान में रहने के बाद चार साल पहले ही सेन कॉलोनी में अपना मकान बनवाया था। हेमराज की शहादत की जानकारी मिलने के बाद देर रात उनके छोटे भाई सोनू मीणा उर्फ नरेंद्र और अन्य परिजन भी सांगोद स्थित आवास पर पहुं्च गए। तब कहीं जाकर शहीद के बच्चों को पिता की शहादत की खबर लगी। जिसके बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
दुख और आक्रोश की लहर
हेमराज की शहादत की खबर लगते ही उनके पैत्रिक गांव विनोद खुर्द में दुख और आक्रोश की लहर दौड़ पड़ी। ग्रामीणों ने बताया कि इसी मंगलवार को हेमराज गांव आए थे, लेकिन किसी को क्या पता था कि अब वो फिर कभी लौटकर नहीं आएंगे। ग्रामीणों ने आतंकी हमले की भर्तसना करते हुए सरकार से तत्काल जवाबी कार्रवाई की मांग की है। हेमराज के तीनों भाई, पिता हरदयाल और मां रतना बाई के साथ गांव में ही रहते हैं। हैं। रामविलास ने बताया कि हेमराज की पत्नी व बच्चे सांगोद की सेन कॉलोनी में रहते हैं। बच्चे वहीं पढ़ते हैं।
Published on:
15 Feb 2019 09:00 am
