बेटों ने बरपाया मां-बाप पर कहर: कभी सूखी तो कभी नहीं मिलती खाने को रोटी, पीने को मिलता गंदा पानी

बेटों ने बरपाया मां-बाप पर कहर: कभी सूखी तो कभी नहीं मिलती खाने को रोटी, पीने को मिलता गंदा पानी

Zuber Khan | Publish: Jan, 14 2018 10:36:57 AM (IST) | Updated: Jan, 14 2018 03:23:20 PM (IST) Kota, Rajasthan, India

जिसे बेटे ने अपनी 70 वर्षीय मां पाना बाई को मलमूत्र के बीच काल कोठरी में सडऩे-मरने के लिए को छोड़ दिया उसी के जन्म पर उसने खूब तुलसी पूजन किया था।

कोटा . जिसे बेटे ने अपनी 70 वर्षीय मां पाना बाई को मलमूत्र के बीच काल कोठरी में सडऩे-मरने के लिए को छोड़ दिया उसी के जन्म पर उसने खूब तुलसी पूजन किया था। बाप की अंगुली पकड़कर चलना सिखा उसी ने उन्हें धक्के मार कर बाथरूम में तीन साल तक बंद रखा। जब कलयुगी बेटा अपना आश्रम में मां से मिलने पहुंचा तो वह उसे देख सहम उठी। आंखों में आंसू लिए मां बोली, 'घणी तुलसां पूजी छी, जद थारो जनम होयो... असी करगो या तो कदी सोची भी न छी।

 

Read More: Human Story: जिनके आगे-पीछे घूमते थे तीन-तीन नौकर, बेटों ने उन्हें एक हजार दिन तक मलमूत्र में सडऩे-मरने को छोड़ा

इसी के साथ आंखों में आंसू छलक पड़े। बेटों की ऐसी कू्ररता देख आश्रम में मौजूद हर किसी की आंखों में आंसू आ गए। वहीं, मां से मिलने आई बहनों से भाइयों की मां-बाप पर अत्याचार की कहानियां सुनाई तो हर कोई दंग रह गया। सभी के जहन में एक ही सवाल था, इतना बेरहम कैसे हो सकता है कोई बेटा।

 

Read More: Human Story: लालची बेटों ने मां को काल कोठरी और बाप को 3 साल तक बाथरूम में रखा बंद, एक हजार दिन तड़पते रहे बूढ़े मां-बाप

समाचार पढ़कर कोटा में अपना घर आश्रम में जब तीन बेटियां और पाना की छोटी बहन उनसे मिलने आई तो यह खुलासा हुआ। चारों अत्याचारों की बात करते जब फूट-फूट कर रोने लगी तो दर्द की कहानियां सुन मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गई। कनवास के खटीक मोहल्ले में 3 साल से बंद और मलमूत्र से सनी पानाबाई को दो दिन पहले अपना घर टीम आजाद कराकर आश्रम लाई थी।

 

Big Breaking News: बूंदी कलक्टर को बीच बाजार गोली मारने की धमकी, पुलिस और प्रशासन में हड़कंप

मां-बाप की दुर्दशा देख रो पड़ी बेटियां
आश्रम में पाना से मिलने शनिवार को छोटी बहन नटी बाई व तीन बेटियां, रिश्तेदार पहुंचे। पानाबाई की ऐसी दुर्दशा देखकर बेटियां, बहन, परिजनों की रुलाई फूट पड़ी। तीनों बेटियों ने बताया कि हमारे मां-बाप के पास कोई कमी नहीं थी। पिताजी के पास 85 बीघा जमीन थी। घर में तीन-तीन नौकर लगते थे। लेकिन सम्पत्ति के लालच में दोनों भाइयों ने मां-बाप की ऐसी बेकद्री की।

 

Read More: Thrill Story: फिर सुसाइड से दहली कोचिंग नगरी, एक और छात्रा फांसी के फंदे पर झूली

जमीन-जायदाद के चक्कर में दोनों भाइयों ने उनसे भी नाता तोड़ लिया। बोली, 'भाई तो हम तीनों बहनों को देखना तक पसंद नहीं करते। गुजरे नवम्बर माह में मां से मिलने कनवास गई थी। तब भी मां का यही हाल था। तब भी हम नहला-धुला कर भोजन कराकर आए थे। लेकिन, यह भाइयों को रास नहीं आया, भला बुरा कहा। बेटियों ने बताया कि भाई मां से मिलने भी नहीं देते थे। गांव जाते तो भगा देते। उन्होंने आश्रम संचालकों से अपील की कि मां को भाइयों के साथ नहीं भेजें। कम से कम हम यहां आकर मां से मिल तो सकेंगे।


बेटों के साथ घर मत भेजना बहन-जीजा को
समाचार पढ़कर रिश्तेदारों के साथ शनिवार दोपहर को केशवरायपाटन निवासी बहन नटी बाई आश्रम पहुंची। यहां बड़ी बहन कीहालत देख भावुक हो गई। दोनों बहनों ने करीब एक घंटे तक बातचीत की। इस दौरान नटी बाई ने बताया कि बेटे नरेंद्र ने बहन के जीवन को नरक बना दिया। बड़े बेटे ने भी जीजाजी (पिता) को कई दिनों तक बाथरूम में बंद रखा था, जिन्हें खुद नटी बाई ने जाकर बाहर निकाला था। उन्होंने भी आश्रम संचालकों से अपील की कि पाना को बेटे के साथ नहीं भेजे।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned