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मां चूड़ियां बेचती है, प्राइवेट स्कूल की फीस के नहीं थे पैसे, अब आईआईटी में पढ़ेगा हैदर..

सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर हैदर का जेईई एडवांस्ड में हुआ चयन  
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कोटा

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Rajesh Tripathi

Jun 17, 2019

kota news

चूड़ियां बेचती है, प्राइवेट स्कूल की फीस के नहीं थे पैसे, अब आईआईटी में पढ़ेगा हैदर..

कोटा. ऐसा नहीं कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई नहीं होती। यकीन नहीं है तो सीखिए हैदर से। कैथून निवासी हैदर का इंजीनियर बनने का सपना पूरा होने जा रहा है। हैदर सरकारी स्कूल में पढ़ा है। हाल ही जेईई एडवांस्ड के घोषित परिणाम में उसका चयन हुआ। उसने सीआरएल रैंक 14176 व ओबीसी एनसीएल रैंक 2942 प्राप्त की है। हैदर ने पत्रिका को बताया कि गरीबी में पला हूं। पिता हबीबुर्रहमान की कैथून में छोटी सी दुकान है। इसी दुकान पर मां शबीना बानो चूडिय़ां भी बेचती हंै। दोनों मिलकर परिवार चलाते हैं। बड़ा भाई अतीक कुछ बच्चों को घर पर कोचिंग पढ़ाते हैं। बड़े भाई व उनके दोस्त मनीष राठौर ने उनका पढ़ाई में पूरा सहयोग किया। मनीष कोटा में एक कोचिंग में शिक्षक हैं।

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प्रेक्टिकल की मोटी रकम देने में असमर्थ था
हैदर ने बताया कि कक्षा 1 से 11वीं तक कई स्कूलों में पढ़ाई की, लेकिन 12वीं में निजी स्कूल में इसलिए दाखिला नहीं लिया कि वहां पर प्रेक्टिकल की मोटी रकम ली जाती है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसपिल अशोक गुप्ता ने उनके स्कूल में पढ़ाई के लिए मोटिवेट किया। उन्होंने सरकारी स्कूल में दाखिला लिया। स्कूल में सभी शिक्षकों का पूरा सहयोग रहा। इसके चलते उसके आरबीएसई 12वीं बोर्ड में 92.30 प्रतिशत अंक आए, जबकि दसवीं बोर्ड में 91.50 प्रतिशत अंक थे।

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कोटा अप-डाउन करता था
नियमित स्कूल के बाद कोटा में कोचिंग भी ली। कोचिंग में पढ़ाई के लिए रोजाना बस से आता था। शिक्षक मनीष राठौर ने कोचिंग में भी उसकी 50 प्रतिशत तक फीस कम करा दी। उसके बाद दिन-रात जमकर पढ़ाई की और उसका जेईई एडवांस्ड में सलेक्शन हो गया।