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VIDEO: टेबल पर फेंके पैसे, धक्का-मुक्की और शुरू हुआ पुलिस का लाठीचार्ज… पढि़ए पूरी खबर

बीए प्रथम वर्ष के विषय परिवर्तन आवेदन व फीस कम करने की मांग, पुलिस ने एक छात्र को हिरासत में लिया
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कोटा

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Deepak Sharma

Aug 18, 2018

kota news

VIDEO: टेबल पर फेंके पैसे, धक्का-मुक्की और शुरू हुआ पुलिस का लाठीचार्ज... पढि़ए पूरी खबर

कोटा. राजकीय कला महाविद्यालय में शनिवार को छात्रों ने बीए प्रथम वर्ष के विषय परिवर्तन आवेदन व फीस कम करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्राचार्य का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। उसके बाद छात्रों ने प्राचार्य की टेबल पर पैसे फेंक दिए। उसी समय कुछ छात्रों ने पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज होते ही कई छात्र भाग गए। पुलिस ने इस मामले में एक छात्र को हिरासत में लिया है।

इससे पहले छात्रनेता अजयराज के नेतृत्व में छात्र नारेबाजी करते हुए महाविद्यालय में पहुंचे। यहां छात्रों ने प्राचार्य जीएल मालव का घेराव कर किया। छात्रनेता अजय राज ने प्राचार्य को बताया कि बीए प्रथम वर्ष के विषय परिवर्तन फार्म खत्म हो गए है। छात्र परेशान हो रहे है। सभी छात्रों को फार्म उपलब्ध कराया जाए व आवेदन फार्म की फीस 200 रुपए की जगह 100 रुपए ही वसूली जाए। प्राचार्य ने जेरोक्स फार्म मान्य की बात कही। इस पर छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से ही फार्म की मांग की। प्राचार्य ने जेरोक्स मशीन खराब होने की बात कही। इस पर छात्रों ने प्राचार्य की टेबल पर जेरोक्स मशीन सही करवाने को लेकर दो हजार रुपए फेंक दिए। सूचना पर पुलिस पहुंची। छात्रों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन वे धक्का-मुक्की पर उतारू हो गए। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

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इधर, रास्ता जाम

इन्हीं दोनों मांगों को लेकर छात्रनेता सोनू मीणा के नेतृत्व में भी छात्रों ने कॉलेज गेट पर अद्र्धनग्न प्रदर्शन किया। उसके बाद रास्ता जाम कर दिया। इससे वाहनों की कतारें लग गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और रास्ता खुलवाया।

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इनका यह कहना

सरकार की तरफ से विषय परिवर्तन फार्म की कोई व्यवस्था नही थी। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की मदद के लिए पहले ही सौ फार्म बांट दिए। कुछ छात्र आए थे। वे पांच हजार फार्म बांटने की बात कह रहे थे, लेकिन इतने छात्र कॉलेज में ही नहीं होने की बात कही। बाद में पांच सौ फार्म बांटने की बात पर अड गए। उन्होंने पोर्टल या जेरोक्स मान्य की बात कही, लेकिन छात्र नहीं माने।
जी.एल. मालव, प्राचार्य, राजकीय कला महाविद्यालय