
दिवाली मनाने आए गांव, गंदगी दिखी तो साफ किए गलियारे और नालियां, दिया स्वच्छता का संदेश
बूढ़ादीत.
कहते ळैं काम कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। और, नीयत साफ व संकल्प मजबूत हो तो फिजां बदलने में पल भी नहीं लगता। बस जरूरत होती है तो एक अदद पहल की।
वे कोटा सहित अन्य शहरों में पढ़ाई कर रहे हैं। दीपावली की छुट्यिों में गांव आए थे। लेकिन गांव में रोशनी के पर्व से पहले पसरी गंदगी-कीचड़ और स्वच्छ भारत के भाव ने अनूठा संकल्प जगा दिया। बस, खुद उठा लिए संसाधन और चकाचक कर दिए गलियारे, साफ कर दी नालियां। स्वच्छता की यह जमीनी बयार सोमवार को उठी क्षेत्र के खेड़ली सहरान गांव में। मदनपुरा ग्राम पंचायत के खेड़ली सहरान गांव के एक दर्जन से अधिक युवा कोटा सहित अन्य शहरों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
गांव को स्वच्छ बनाने का किया निर्णय
दीपावली का अवकाश होने पर ये आए तो गांव में कीचड़ से अटी नालियां और गंदगी देखकर दुखी हुए। इस पर उन्होंने श्रमदान कर गांव को स्वच्छ करने का निर्णय किया। गांवा की फिजां बदलने का संकल्प लिया। सोमवार को सुबह से ही ये युवा जुट गए। फावड़ा उठाया, झाड़ू लिया। स्वच्छता अभियान में लग गए। गांव की गलियों की ओर निकल पड़े। नालियों को साफ करने में झोंका। फिर पानी के टैंकर से आम रास्ते को स्वच्छ किया। युवाओं ने चार घंटे से अधिक समय तक श्रमदान कर नालियों और गलियारों को साफ किया।
श्रमदान करने वालों में महेन्द्रपाल, रामपाल मीणा, सुंदर कुमार, दीनदयाल, बंसत कुमार, कार्तिक मीणा, रामदयाल, द्वारकालाल, रामेश्वर, पृथ्वीराज, महावीर मीणा सहित एक दर्जन से अधिक युवा शामिल रहे।
Published on:
06 Nov 2018 07:30 am
