
ठगों ने अलग-अलग बैंकों के एकाउंट नंबर जारी कर शहीदों के परिजनों की मदद करने के नाम पर पैसा जुटाना शुरू कर दिया है
कोटा. पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के बाद जहां एक ओर पूरे देश में गम और गुस्से का माहौल है, वहीं कुछ लोग इसका फायदा उठाने की फिराक में जुट गए हैं। ठगों ने अलग-अलग बैंकों के एकाउंट नंबर जारी कर शहीदों के परिजनों की मदद करने के नाम पर पैसा जुटाना शुरू कर दिया है। सीआरपीएफ के डीआईजी ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद से ही देशभर में गुस्सा है। लोग सड़कों पर आकर विरोध कर रहे हैं। सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई मैसेज भी चल रहे है। जिनमें लिखा है कि केंद्र सरकार ने कैबिनेट मीटिंग कर सीआरपीएफ की आधुनिकता और युद्ध क्षेत्र में घायल या शहीद होने वाले जवानों की मदद के लिए आर्मी वेलफेयर फंड बैटल कैजुअल्टी के नाम से बैंक अकाउंट खोल दिया है। इसमें हर भारतीय अपनी स्वैच्छा से कितना भी दान दे सकता है।
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शुरू हुई गफलत
सोशल मीडिया पर तैर रहे अलग-अलग मैसेज में दिल्ली की ही कई बैंकों के अलग-अलग खाता नंबर ठगों ने जारी किए हैं। जिन पर एक रुपए से लेकर मनचाही आर्थिक मदद देने की अपील की जा रही है। दो राष्ट्रीयकृत बैंकों समेत क्षेत्रीय बैंकों तक के एकाउंट नंबर सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं। सैन्य अधिकारियों इनमें से अधिकांश एकाउंट फर्जी हैं। वर्ष 2016 में दिल्ली के साउथ ब्लॉक स्थित सिंडीकेट बैंक में जो एकाउंट खुलवाया गया था वह भारतीय सेना की मदद के लिए था। उससे सीआरपीएफ या दूसरे पैरा मिलिट्री फोर्सेज का कोई ताल्लुक नहीं है।
फर्जीवाड़े से रहें सतर्क
सीआरपीएफ के डीआईजी एसएस शेखावत ने कहा कि उनका बल शहीद के खाते में सीधे पैसे भेजता है। लोगों की सदभावनाएं शहीदों के परिजनों के साथ हैं, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग फ्रॉड करने में जुटे हैं। इसलिए आमजन सतर्क रहें। किसी भी शहीद परिवार को आर्थिक मदद करने से पहले उसके बैंक खाते के बारे में जांच जरूर कर लें। सीआरपीएफ की ओर से शहीदों की मदद के लिए कोई बैंक खाता खोला गया है इस बाबत मुख्यालय की ओर से अभी तक सूचना नहीं आई है।
छ लोग इसका फायदा उठाने की फिराक में जुट गए हैं। ठगों ने अलग-अलग बैंकों के एकाउंट नंबर जारी कर शहीदों के परिजनों की मदद करने के नाम पर पैसा जुटाना शुरू कर दिया है। सीआरपीएफ के डीआईजी ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के ४० जवानों के शहीद होने के बाद से ही देशभर में गुस्सा है। लोग सड़कों पर आकर विरोध कर रहे हैं। सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई मैसेज भी चल रहे है। जिनमें लिखा है कि केंद्र सरकार ने कैबिनेट मीटिंग कर सीआरपीएफ की आधुनिकता और युद्ध क्षेत्र में घायल या शहीद होने वाले जवानों की मदद के लिए आर्मी वेलफेयर फंड बैटल कैजुअल्टी के नाम से बैंक अकाउंट खोल दिया है। इसमें हर भारतीय अपनी स्वैच्छा से कितना भी दान दे सकता है।
शुरू हुई गफलत
सोशल मीडिया पर तैर रहे अलग-अलग मैसेज में दिल्ली की ही कई बैंकों के अलग-अलग खाता नंबर ठगों ने जारी किए हैं। जिन पर एक रुपए से लेकर मनचाही आर्थिक मदद देने की अपील की जा रही है। दो राष्ट्रीयकृत बैंकों समेत क्षेत्रीय बैंकों तक के एकाउंट नंबर सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं। सैन्य अधिकारियों इनमें से अधिकांश एकाउंट फर्जी हैं। वर्ष २०१६ में दिल्ली के साउथ ब्लॉक स्थित सिंडीकेट बैंक में जो एकाउंट खुलवाया गया था वह भारतीय सेना की मदद के लिए था। उससे सीआरपीएफ या दूसरे पैरा मिलिट्री फोर्सेज का कोई ताल्लुक नहीं है।
फर्जीवाड़े से रहें सतर्क
सीआरपीएफ के डीआईजी एसएस शेखावत ने कहा कि उनका बल शहीद के खाते में सीधे पैसे भेजता है। लोगों की सदभावनाएं शहीदों के परिजनों के साथ हैं, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग फ्रॉड करने में जुटे हैं। इसलिए आमजन सतर्क रहें। किसी भी शहीद परिवार को आर्थिक मदद करने से पहले उसके बैंक खाते के बारे में जांच जरूर कर लें। सीआरपीएफ की ओर से शहीदों की मदद के लिए कोई बैंक खाता खोला गया है इस बाबत मुख्यालय की ओर से अभी तक सूचना नहीं आई है।
Published on:
19 Feb 2019 12:12 pm
