
हर 40 मिनट में हो जाता है एक व्यक्ति दुनिया से रुखसत वजह जान कर रह जाएंगे हैरान...
कोटा . इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से अग्रवाल न्यूरो साइकेट्री सेंटर तथा आईएसटीडी के सहयोग से विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस पर गुरूवार को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आईएमए हॉल एमबीएस चिकित्सालय परिसर में संगोष्ठी हुई।
विषय विशेषज्ञ वरिष्ठ मनोरोग चिकित्सक डॉ. एमएल अग्रवाल ने सिजोफ्रेनिया के लक्षण, बचाव और उपचार तथा इससे संबंधित भ्रंातियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस समय देश में 80 प्रतिशत आत्महत्याएं मनोरोग के कारण से होती हैं।
रोगी को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण प्रत्येक 40 मिनट में मनोरोग से पीडि़त एक व्यक्ति आत्महत्या कर लेता है। इन्हें समय पर इलाज के द्वारा बचाया जा सकता है।
नए अस्पताल के अधीक्षक व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. देवेन्द्र विजयवर्गीय ने कहा कि मेडिकल फील्ड में सर्वाधिक भ्रांतियां मनोरोग को लेकर हैं। लोग झाडफूंक कराते रहते हैं । डॉ. दीपक गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार की बीमारी में मरीज के लिए तनावमुक्त वातावरण बहुत जरूरी है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गिरीश वर्मा रहे। अध्यक्षता आईएमए के प्रेसीडेंट डॉ. एसएन सोनी ने की। विशिष्ट अतिथि आईएमए के महासचिव डॉ. कुलदीप राणा, आईएसटीडी चैयरमेन अनिता चौहान रहीं।
विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस के अवसर पर मन आरोग्य न्यास ने पीडि़त मरीजों और उनके परिजनों के साथ सिविल लाइन नयापुरा में चर्चा आयोजित की। संस्था सचिव मनोचिकित्सक डॉ. वीरेंदर मेवाड़ा ने उपचार के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था प्रमुख जयंती मेवाड़ा ने की। संस्था कोषाध्यक्ष पृथ्वीराज पंवार और समन्वयक विजय राघव ने भी विचार रखे।
Published on:
25 May 2018, 1:29 PM IST
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