
कुशीनगर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी DPO शैलेन्द्र कुमार राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। DM कुशीनगर की जांच रिपोर्ट में राय को दोषी पाया गया है। DPO की शिकायत फीडिंग इंडिया की आंतरिक समिति की अध्यक्ष ने किया था, इनकी शिकायत पर 31 जनवरी को स्थानीय समिति का गठन किया गया। वर्किंग प्लेस पर महिला यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013 के तहत मामले की जांच की गई। DM ने 12 मार्च को अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी। निदेशक ICDS ने 3 अप्रैल को अपनी संस्तुति में DPO शैलेन्द्र कुमार राय को दोषी माना।
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि राय ने अपने पद का दुरुपयोग कर वर्किंग प्लेस पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया। इस नाते वे यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 और उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के नियम-3-क का उल्लंघन करने के दोषी पाए गए। राज्यपाल ने DPO राय के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही की स्वीकृति दे दी है।
डिप्टी डायरेक्टर मोहम्मद जफर खान को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि में राय को नियमानुसार अर्द्धवेतन पर जीवन निर्वाह भत्ता और महंगाई भत्ता मिलेगा। DPO पर कई महिलाओं ने संगीन आरोप लगाए थे। यह मामला जिले में काफी सुर्खियां बटोर रहा था। सूत्रों के मुताबिक जिस डिप्टी डायरेक्टर जफर खान को जांच सौंपी गई है उसके खिलाफ भी कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगा चुकी हैं ऐसे में यह देखना है कि एक आरोपी अधिकारी खुद उसी अपराध में दोषी पाए गए अपराधी की जांच कैसे पारदर्शी रूप से करेगा।
Published on:
07 Apr 2025 11:48 pm
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