
धमकी से परेशान होकर मौत के घाट उतारा गया था माता प्रसाद
लखीमपुर-खीरी. 28 सितम्बर को ईसानगर में पेशी से लौटते समय मौत के घाट उतारे गए कुख्यात अपराधी माता प्रसाद उर्फ मतऊ के दो हत्यारे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दोनों ने अपराधी के द्वारा लगातार दी जा रही जान-माल की धमकी से तंग आकर हत्याकांड को अंजाम दिया। शनिवार की सुबह पुलिस ने उन्हें भागने की कोशिश करते समय मुखबिर की सूचना पर धर दबोचा।
पुलिस अधीक्षक राम लाल वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि 28 सितम्बर को कुख्यात अपराधी माता प्रसाद उर्फ मतऊ पुत्र राम भरोसे निवासी सुर्जनपुर थाना ईसानगर की शाम 5 बजे बांके से काटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के बड़े भाई दिग्विजय ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
प्रकरण की जांच एसओ ईसानगर आलोकमणि त्रिपाठी को दी गई। जांच के दौरान पता चला कि मृतक बहुत ही कुख्यात अपराधी था। वह ईसानगर में थाने में दर्ज मुकदमा 260/18 धारा 323, 504, 506 व 354 भादवि व 7/8 पास्को एक्ट में जेल भेजा गया था। 17 सितम्बर को वह जेल से छूटकर आया था। मुकदमें के वादी के परिजनों को इसके द्वारा लगातार धमकी दी जा रही थी। उसी परिवार के छैल बिहारी उर्फ छैलू जिसका लगभग 5 बीघा खेत जो इसके ठीक घर के सामने था। पिछले तीन साल से अपनी दबंगई से उसे बोने नहीं दिया गया था। वर्ष 2016 में छैल बिहारी उर्फ छैलू को भी मृतक द्वारा गंभीर रूप से घायल कर मारपीट की गई थी।
जेल से छूटने के बाद इसके द्वारा छैल बिहारी उर्फ छैलू के घर जाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। जिसके क्रम में इन दोनों पक्षों में आपसी रंजिश स्पष्ट हुई थी। इसी वजह से छैल बिहारी उर्फ छैलू व उसके भतीजे भगौती और राजेश के द्वारा पेशी से वापस आते समय माता प्रसाद की हत्या कर दी गई थी। 6 अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक ईसानगर आलोकमणि त्रिपाठी द्वारा मयफोर्स मुखबिर की सूचना पर खमरिया चीनी मिल तिराहे के पास प्रात: करीब 5 बजे अभियुक्तगण छैल बिहारी व भगौती प्रसाद को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त आला कत्ल बांका व घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल भी बरामद की गई।
घटना के खुलासे में एसएसआई रामसरन पांडे, आरक्षी मनोज कुमार तिवारी व आरक्षी विशाल गौड़ का विशेष योगदान रहा।
Updated on:
06 Oct 2018 08:43 pm
Published on:
06 Oct 2018 08:43 pm
