
ट्रैक्टर-ट्रॉली में गूंजी बच्चे की किलकारी। फोटो सोर्स-Ai
Uttar Pradesh Flood Update: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की वजह से लोगों को हाल बेहाल है। चारों तरफ पानी ही पानी होने की वजह से जन जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है। गर्भवती महिलाओं को बेहद नाजुक परिस्थितियों में डॉक्टर्स के बिना बच्चों को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
हालांकि बाढ़ के इस संकट के बीच कुछ लोग अपने बच्चों के नाम भी इसी हालात को देखते हुए रख रहे हैं। पीलीभीत के बड़ेपुरा धर्मा गांव में बाढ़ के बीच एक महिला ने बेटे को जन्म दिया और उसका नाम 'सैलाब सिंह' रखा गया।
इसके अलावा लखीमपुर खीरी के रंडुवा गांव में बेहद गंभीर स्थिति देखने को मिली। यहां शीला निषाद नाम की एक निवासी को अस्पताल जाते समय बाढ़ के पानी से घिरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के अंदर बच्चे को जन्म देना पड़ा। बगुरुवार को महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो उसके परिवार ने एक स्थानीय निवासी के जरिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का इंतजाम किया, लेकिन चारों तरफ पानी होने के साथ अस्पताल भी दूर था। इस दौरान महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। ऐसे में उन्होंने एक अस्थायी आश्रय बनाया। बढ़ते पानी के बीच शीला ने अपने बच्चे को जन्म दिया। बाद में दोनों को एम्बुलेंस से फूलबेहड़ CHC ले जाया गया।
परिवार से मिलने गए SDM राजीव कुमार निगम ने कहा, "मां और बच्चा स्वस्थ हैं।" उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में दवाइयां पहुंचाने और चिकित्सीय सहायता के लिए जिले में पहले से ही नावें तैनात हैं। इसके अलावा बिजनौर जिले के रायपुर खादर गांव में भी ऐसी ही एक घटना घटी। बुधवार को जोनी सिंह की पत्नी रूपा को प्रसव पीड़ा हुई लेकिन बाढ़ का पानी इतना खतरनाक था कि उसका परिवार अस्पताल जाने का जोखिम नहीं उठा सकाता था। महिला रात भर प्रसव पीड़ा सहती रही। उसके परिवार ने प्रशासन को सूचित किया। इसके बाद एक राहत टीम आखिरकार नाव लेकर गांव पहुंची और उसे जलीलपुर के एक अस्पताल ले गई। जहां उसने बच्चे को जन्म दिया।
Updated on:
06 Sept 2025 12:43 pm
Published on:
06 Sept 2025 12:43 pm
