
ललितपुर. जहां एक ओर योगी सरकार ने सत्ता में आते ही एंटी भू माफिया कानून बनाकर भूमाफियाओं की नींद उड़ा दी थी, तो वहीं दूसरी ओर आज भी कुछ ऐसे दबंग हैं जो लगातार गरीब और मजलूमों की जमीनों पर लगातार कब्जा कर रहे हैं। जनपद में एंटी भू माफिया कानून का पालन ठीक तरह नहीं हो रहा है और इसका जीता जागता उदाहरण थाना जखौरा के अंतर्गत ग्राम अंधेर में है।
यह है पूरा मामला-
ग्राम अंधेर निवासी रगराज पुत्र राजधर यादव की जमीन आरजी संख्या 305, जिसका रकबा 1.3 एकड़ है, गांव में भूम धरी के रूप में मौजूद है। जिस पर ग्राम प्रधान अपनी गंदी निगाह रखता है, पीड़ित रगराज ने अपने गांव के प्रधान अवतार सिंह और उसके परिजन रघुराज आजाद करतार भरत सिंह आदि पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एक राय होकर उसकी भूमिधरी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया और उसके साथ गाली-गलौज कर मारपीट की। जिस के संबंध में उसने शासन प्रशासन को कई प्रार्थना पत्र दिए मगर उसकी जमीन को किसी भी अधिकारी ने दबंग ग्राम प्रधान से कब्जा मुक्त कराने का कोई कदम नहीं उठाया।
उसने शासन-प्रशासन पर अपनी अनदेखी का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि हम कई बार समाधान दिवस थाना दिवस आदि में कई प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। मगर आज तक हमारी जमीन कब्जा मुक्त नहीं हुई। आखिरकार थक हार कर न्याय की उम्मीद लेकर अपने परिवार के साथ वो भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। पीड़ित पक्ष जिला मुख्यालय के घंटा घर पर अपनी पत्नी विमला और अपने दो बच्चे कुलदीप और रुचि को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गया है। उसकी पत्नी बिमला का कहना है कि जब तक हमें न्याय नहीं मिलता तब तक हम अपने परिवार के साथ भूख हड़ताल, आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे और अगर हमें न्याय नहीं मिला तो यही बैठे-बैठे अपनी जान दे देंगे।
इस मामले में थाना जखौरा प्रभारी देवेश उपाध्याय से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि जमीन संबंधी मामले में राजस्व विभाग ज्यादा अच्छे तरीके से बता सकता है कि जमीन पर अवैध रूप से कब्जा है या नहीं है। पुलिस के और भी कई काम है। राजस्व संबंधी जमीनी विवाद में पुलिस का कोई रोल नहीं रहता, इसलिए हम इस बारे में कुछ नहीं कर सकते। हमारे थाने में पहले कभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।