3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Mucormycosis : दुर्लभ फंगल इन्फेक्शन है ब्लैक फंगस, जानें- लक्षण और बचाव

Mucormycosis Black Fungus डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक है ब्लैक फंगस, डॉक्टरों की सलाह है कि ऐसे मरीज शुगर लेवल नियंत्रित रखें
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ललितपुर

•

image

Hariom Dwivedi

•

Updated: 18 May 2021, 6:47 PM IST

mucormycosis black fungus symptoms and treatment

कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लैक फंगस और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
ललितपुर. Mucormycosis Black Fungus. कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच कई लोग म्यूकोरमाइकोसिस नाम के फंगल इन्फेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। यह दुर्लभ फंगल इन्फेक्शन है जो किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर होता है। कोविड-19 और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह इन्फेक्शन और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। इस संक्रमण को 'ब्लैक फंगस' के नाम से भी जाना जाता है।

क्या है म्यूकोरमाइकोसिस?
इंडियन काउन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, म्यूकोरमाइकोसिस फंगल इंफेक्शन है, जो शरीर में बहुत तेजी से फैलता है। म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन नाक, आंख, दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर भी हो सकता है। इस बीमारी में कई लोगों की आंखों की रोशनी तक चली जाती है, वहीं कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है।

कोरोना के मरीजों को ज्यादा खतरा
म्यूकोरमाइकोसिस आम तौर पर उन लोगों को तेजी से अपना शिकार बनाता है, जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है। कोरोना के दौरान या फिर ठीक हो चुके मरीजों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है, इसलिए वह आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। खासतौर से कोरोना के जिन मरीजों को डायबिटीज है। शुगर लेवल बढ़ जाने पर उनमें म्यूकोरमाइकोसिस खतरनाक रूप ले सकता है।
यह संक्रमण सांस द्वारा नाक के जरिये व्यक्ति के अंदर चला जाता है, जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनको यह जकड़ लेता है।

यह भी पढ़ें : जानना जरूरी है... कोरोना मरीजों के लिए आरटीपीसीआर, सीटी स्कैन और एचआर सीटी जांच कितना सही?

तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि हल्के लक्षण दिखने पर तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें। कोविड के रोगियों में अगर बार-बार नाक बंद होती हो या नाक से पानी निकलता रहे, गालों पर काले या लाल चकत्ते दिखने लगें, चेहरे के एक तरफ सूजन हो या सुन्न पड़ जाए, दांतों और जबड़े में दर्द, कम दिखाई दे या सांस लेने में तकलीफ हो तो यह ब्लैक फंगस हो सकता है।

ब्लैक फंगस के लक्षण
- नाक में दर्द हो, खून आए या नाक बंद हो जाए
- नाक में सूजन आ जाए
- दांत या जबड़े में दर्द हो या गिरने लगें
- आंखों के सामने धुंधलापन आए या दर्द हो, बुखार हो
- सीने में दर्द
- बुखार
- सिर दर्द
- खांसी
- सांस लेने में दिक्कत
- खून की उल्टियां होना
- कभी-कभी दिमाग पर भी असर होता है

यह भी पढ़ें : रेमडिसिविर को लेकर क्यों मची है अफरातफरी? इस दवा के बारे में जानें वह सब जो जानना चाहते हैं आप

ब्लैक फंगस किन रोगियों में ज्यादा पाया गया है?
- जिनका शुगर लेवल हमेशा ज्यादा रहता है
- जिन रोगियों ने कोविड के दौरान ज्यादा स्टेरॉइड लिया हो
- काफी देर आईसीयू में रहे रोगी
- ट्रांसप्लांट या कैंसर के रोगी

ब्लैक फंगस से कैसे बचें
- किसी निर्माणाधीन इलाके में जाने पर मास्क पहनें
- बगीचे में जाएं तो फुल आस्तीन शर्ट, पैंट व ग्लब्स पहनें
- ब्लड ग्लूकोज स्तर को जांचते रहें और इसे नियंत्रित रखें

यह भी पढ़ें : कोरोना टीकाकरण- सुपर स्प्रेडर का हो पहले वैक्सीनेशन, तभी रुकेगा संक्रमण

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गयी जानकरियां और सूचनाएं सामान्य जानकरियों पर आधारित हैं। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता। इन पर अमल करने से पहले सम्बंधित विशेषज्ञ से सम्पर्क करें।)