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iPhone 16 का जलवा: सस्ता एंड्रॉइड छोड़ अब आईफोन का दीवाना हुआ भारत, तोड़े बिक्री के सारे रिकॉर्ड

iPhone 16 sales in India: साल 2025 में आईफोन 16 बना भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन। छोटे शहरों से लेकर मेट्रो तक, एंड्रॉइड को पछाड़ Apple ने रचा इतिहास। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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भारत

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Rahul Yadav

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Updated: 31 Dec 2025, 2:34 AM IST

iPhone 16 sales in India

iPhone 16 sales in India (Image: Apple)

iPhone 16 sales in India: भारत का मोबाइल बाजार अब वैसा नहीं रहा, जैसा कुछ साल पहले था। एक वक्त था जब नया फोन लेने का मतलब होता था सबसे सस्ता या ज्यादा फीचर देने वाला एंड्रॉइड ढूंढना। बजट सबसे ऊपर रहता था। लेकिन 2025 आते-आते तस्वीर पलट चुकी है। अब फोन सिर्फ जरूरत नहीं, पहचान बन गया है। और इसी बदली सोच का सबसे बड़ा फायदा मिला Apple को।

इस साल iPhone 16 ने वो कर दिखाया है, जिसकी उम्मीद शायद खुद कंपनी को भी नहीं थी। ताजा आंकड़े बताते हैं कि साल के पहले 11 महीनों में ही भारत में करीब 65 लाख यूनिट बिक चुकी हैं। जिस देश को हमेशा बजट स्मार्टफोन मार्केट कहा जाता था, वहां प्रीमियम फोन का इतना बड़ा रिकॉर्ड बनना अपने-आप में बड़ी खबर है।

मेट्रो ही नहीं, छोटे शहरों में भी क्रेज

इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यही है। आईफोन का जादू अब सिर्फ दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु तक सीमित नहीं है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी लोग अब आईफोन को हाथ में लेना चाहते हैं। सेल के दौरान जैसे ही कीमत थोड़ी काबू में आती है, लोग बिना देर किए खरीदारी कर लेते हैं। इससे साफ है कि चाहत पहले से मौजूद है, बस सही मौका चाहिए।

पुराने मॉडल पर भी भरोसा

यहां Apple की रणनीति भी काम कर गई। जहां नया iPhone 16 बिक्री चार्ट में सबसे ऊपर रहा, वहीं एक साल पुराना iPhone 15 भी टॉप-5 में जगह बनाने में कामयाब रहा। इसका मतलब सीधा है। भारतीय ग्राहक अब सिर्फ नया मॉडल नहीं देख रहा, वो ब्रांड पर भरोसा कर रहा है। चाहे फोन नया हो या थोड़ा पुराना, अगर उस पर सेब का लोगो है तो ग्राहक तैयार है।

भारत से खुश हैं टिम कुक

भारत से मिल रहे इस प्यार ने कंपनी के सीईओ Tim Cook को भी खासा उत्साहित कर दिया है। हाल ही में कंपनी ने 4 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा छुआ, और इसमें भारत की हिस्सेदारी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। नए रिटेल स्टोर्स, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और तेजी से बढ़ती मांग इन सबने कंपनी की कमाई को नई ऊंचाई दी है।

मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint Research की रिपोर्ट भी इसी ओर इशारा करती है कि भारत अब सिर्फ संख्या का बाजार नहीं रहा, बल्कि वैल्यू और प्रीमियम का भी केंद्र बन रहा है।

आगे क्या?

कुल मिलाकर संकेत साफ हैं। भारत का यूजर अब सिर्फ “सस्ता” नहीं, “बेहतर” चाहता है। एंड्रॉइड का एकतरफा दबदबा अब चुनौती में है। आने वाले वक्त में दूसरी कंपनियां क्या रणनीति अपनाती हैं, ये देखना दिलचस्प होगा। लेकिन फिलहाल इतना तय है भारत धीरे-धीरे आईफोन के रंग में रंगता जा रहा है।