हुआ खुलासा, इस वजह से दूसरे सर्विस सेंटर ठीक नहीं करते Apple और Samsung के स्मार्टफोन

  • Apple और Samsung के स्मार्टफोन्स को ठीक कराने के लिए आपको इन कंपनियों के सर्विस सेंटर ही जाना होगा।
  • राइट टू रिपेयर ग्राहकों को अधिकार देता है वे थर्ड पार्टी रिपेयर कंपनियों से कम कीमत में अपने स्मार्टफोन रिपेयर करा सकें।

By: Mahendra Yadav

Published: 17 Mar 2021, 11:03 AM IST

आजकल स्मार्टफोन कंपनियां नई—नई टेक्नोलॉजी से लैस स्मार्टफोन्स लॉन्च कर रही हैं। इन स्मार्टफोन्स को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि अगर ये खराब हो जाएं तो आपको कंपनी के सर्विस सेंटर में ही जाना पड़ेगा। थर्ड पार्टी रिपेयर कंपनियों के लिए इन स्मार्टफोन्स् को ठीक करना आसान नहीं होता। खासतौर से Apple और Samsung के स्मार्टफोन्स आप अपने पास में स्थित किसी रिपेयर शॉप से ठीक नहीं करा सकते। इन्हें ठीक कराने के लिए आपको इन कंपनियों के सर्विस सेंटर ही जाना होगा। हालांकि यह ग्राहकों को महंगा पड़ता है क्योंकि थर्ड पार्टी रिपेयर कंपनियां कम पैसे में मोबाइल को रिपेयर कर देती हैं।
अगर यूजर गारंटी या वारंटी पीरियड में थर्ड पार्टी से फोन रिपेयर कराते हैं तो कंपनी डिवाइस की वारंटी खत्म कर देती है। वहीं कंपनी के सर्विस सेंटर में ग्राहक को ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं। अब इसका कारण सामने आ गया है कि Apple और Samsung इस तरह से स्मार्टफोन्स को क्यों डिजाइन कर रही हैं, जिससे कोई दूसरा उन्हें ठीक न कर पाए।

डिजाइन और कॉम्पोनेंट्स
ये कंपनियां अपने स्मार्टफोन के डिजाइन और कॉम्पोनेंट्स को इस तरह से बनाती हैं, जिससे खुद यूजर या कोई दूसरा इनके पार्ट्स न बदल पाए। इनमें प्रोसेसर और फ्लैश मेमोरी कॉम्पोनेंट्स को मदरबोर्ड के साथ ग्लू और नॉन स्टैंडर्ड पेंटेलोब स्क्रू सो जोड़ा जाता है। इससे इन्हें बदलना दूसरी कंपनियों के लिए बहुत कठिन होता है। थर्ड पार्टी रिपेयर कंपनियां इन पार्ट्स को नहीं बदल पाती और ग्राहक को मजबूरी में कंपनी के ही सर्विस सेंटर में जाना पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया के राइट टू रिपेयर इंक्वाइरी के तहत आए सब्मिशन में टेक मैन्युफैक्चरर्स को कहा गया है कि वो मार्केट रिपेयर की अनुमति दें। साथ ही उन्हें ऐसा प्रोडक्ट बनाने के लिए का गया है, जिसे थर्ड कंपनियां भी आसानी से ठी कर सके सके।

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राइट टू रिपेयर
राइट टू रिपेयर ग्राहकों को अधिकार देता है वे थर्ड पार्टी रिपेयर कंपनियों से कम कीमत में अपने स्मार्टफोन रिपेयर करा सकें। इसमें ग्राहक अपने स्मार्टफोन को किसी भी रिपेयर कंपनी से ठीक करा सकते हैं। लेकिन इस मामले में आईफोन निर्माता कंपनी एप्पल की राय अलग है। एप्पल का कहना है कि थर्ड पार्टी रिपेयरर्स फोन ठीक करने या रिपेयर दौरान कम क्वालिटी पार्ट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे कंपनी के डिवाइस को आसानी से हैक किया जा सकता है।

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एप्पल ने दी यह दलील
इस मामले में एप्पल का कहना है कि उनके फोन के कई पार्ट्स ऐसे होते हैं, जिन्हें ठीक करने के लिए कंपनी के पास स्पेशल टूल हैं। एप्पल का कहना है कि अगर ग्राहक थर्ड पार्टी से फोन ठीक कराते हैं तो उसमें गड़बड़ी के चान्स ज्यादा रहते हैं। बता दें कि एप्पल के अलावा सैमसंग के फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स को भी थर्ड पार्टी से रिपेयर कराना बहुत कठीन है।

आईफोन 12 को रिपेयर करना महंगा
बता दें कि एप्पल ने आईफोन 12 को भी इस तरह से डिजाइन किया है कि उसे थर्ड पार्टी से रिपेयर नहीं कराया जा सकता। इसके साथ ही कंपनी ने आईफोन 12 के लिए रिपेयर चार्जेस 40 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। अगर आप आईफोन 12 की स्क्रीन बदलवाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एप्पल के सर्विस सेंटर में 359 डॉलर देने होंगे। वहीं बैटरी बदलवाने के लिए 109 डॉलर। वहीं अगर कंपनी बाहर से इसे ठीक कराने की इजाजत दे तो यह कम कीमत में ठीक हो सकता है।

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