इंटरनेट और मोबाइल की आभासी दुनिया और बढ़ता क्राइम

  • जोधपुर में मोबाइल डाटा खत्म करने पर बड़े भाई ने कर दी छोटे की हत्या।
  • इंटरनेट या स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है प्रभाव।
  • टिकटॉक की वजह से आत्महत्या की घटनाएं आ चुकी हैं सामने।

By: Mahendra Yadav

Published: 21 Nov 2020, 03:26 PM IST

इंटरनेट की आभासी दुनिया दिखने में जितनी खूबसूरत लगती है, वास्तव में कई बार इसके परिणाम उतने ही भयानक होते हैं। वैसे भी कई रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि इंटरनेट या स्मार्टफोन पर ज्यादा समय बिताने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर इसका गहरा असर होता है। ऐसे में व्यक्ति उग्र होकर कई बार अपराध भी कर बैठता है। ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें मोबाइल या इंटरनेट की वजह से कई लोगों की जान गई। अब मोबाइल डाटा के झगड़े में बड़े भाई द्वारा छोटे भाई की जान लेने का मामला सामने आया है।

डाटा के चक्कर में हुआ झगड़ा
घटना राजस्थान के जोधपुर की है, जहां बड़े भाई ने मोबाइल डेटा खत्म करने पर छोटे भाई को जान से मार दिया। दरअसल छोटे भाई ने प्रतिदिन मिलने वाला डाटा खत्म कर दिया तो बड़े भाई को गुस्सा आ गया और उसने छोटे भाई पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में छोटे भाई की मौत हो गई। यह पहला ऐसा मामला नहीं है। इससे पहले कई बार मोबाइल के झगड़े में कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं।

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पहले भी हुई ऐसी घटनाएं
बता दें कि पिछले साल भी एक ऐसी ही रिपोर्ट आई थी, जिसमें टिकटॉक चलाने से मना करने पर छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी थी। वहीं एक अन्य मामले में टिकटॉक इस्तेमाल करने से मना करने पर एक महिला आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा जब टिकटॉक को भारत में बैन किया तो भी कुछ टिकटॉकर्स की आत्महत्या की घटनाएं सामने आई थीं। दरअसल, इंटरनेट की आभासी दुनिया युवाओं को वास्तविक दुनिया से दूर कर दिया है।

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इंटरनेट से बढ़ती सामाजिक हिंसा
एक अध्ययन के मुताबिक सोशल मीडिया और इंटरनेट के उभार ने तेजी के साथ सामाजिक हिंसा को बढ़ावा दिया है। इस स्टडी में बताया गया था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और इंटरनेट पर फैली जानकारियों का तेजी के साथ फिल्टर जरूरी है। वहीं एक अन्य रिसर्च मे बताया गया था कि युवाओं में सोशल मीडिया और इंटरनेट की वजह से हिंसात्मक प्रवृत्ति पैदा होती है।

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