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करोड़ों लोगों के बैंक अकाउंट खतरे में, लीक हुई डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का डाटा

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 10 करोड़ डेबिट और क्रेडिट कार्ड यूजर्स का डाटा लीक हो गया है। लोगों की इन निजी जानकारियों को डार्क वेब पर बेचा जा रहा है।

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टेक्नोलॉजी बढ़ने के साथ ऑनलाइन ठगी और साइबर क्राइम भी बढ़ गया है। ऑनलाइन डाटा लीक होने की कई बार खबरें सामने आती रहती हैं। साइबर क्रिमिनल्स इन निजी जानकारियों से लोगों के बैंक अकाउंट में सेंध लगा देते हैं और उनका अकाउंट खाली कर देते हैं। अब कुछ ऐसी ही खबर आ रही है। डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड यूज करने वाले करोड़ों लोगों के बैंक अकाउंट्स पर खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 10 करोड़ डेबिट और क्रेडिट कार्ड यूजर्स का डाटा लीक हो गया है। ऐसे में इन लोगों के बैंक खाते मुश्किल में हो सकते हैं।

डार्क वेब पर बेची जा रहीं ये निजी जानकारियां
रिपोर्ट के अनुसार, बताया जा रहा है कि लीक हुई जानकारियों में खाताधारकों के नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी जैसी निजी जानकारियां हैं। इसके अलावा करोड़ों लोगों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड के शुरुआती चार अंक और आखिरी चार अंक, कार्ड की एक्सपायरी डेट भी लीक हो गई है। बताया जा रहा है कि लोगों की इन निजी जानकारियों को डार्क वेब पर बेचा जा रहा है।

ऐसे लीक हुआ डाटा
रिपोर्ट्स के अनुसार, करोडों लोगों का जो निजी डाटा लीक हुआ है, वह एक पेमेंट गेटवे से लीक हुआ है। इनका नाम जसपे है। बता दें कि जसपे अमेजन, ऑनलाइन फूड बुकिंग प्लेटफॉर्म स्वीगी और मेकमायट्रिप के बुकिंग पेमेंट को प्रोसेस करता है। बताया जा रहा है कि इसी के जरिए करोड़ों लोगों की निजी जानकारियां लीक हो गई हैं। अब इन लोगों के बैंक अकाउंट्स पर खतरा मंडरा रहा हैै।

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अगस्त 2020 में लीक हुआ था डाटा
रिपोर्ट के अनुसार करोड़ों लोगों का यह निजी डाटा पिछले साल यानि अगस्त 2020 में लीक हुआ था। साथ ही रिपोर्ट मेंयह भी बताया जा रहा है कि जो डाटा डार्क वेब में बेचा गया उसमें यूजर्स की मार्च 2017 से लेकर अगस्त 2020 तक की जानकारी शामिल हैं।

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दिसंबर में भी लीक हुआ था डाटा
बता दें कि इससे पहले पिछले साल दिसंबर माह में भी खबर आई थी कि 70 लाख भारतीयों का डेबिट कार्ड डाटा लीक हुआ। इंडीपेंडेंट भारतीय साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजारिया का कहना है कि डाटा को डार्क वेब फोरम पर डाला गया, जहां से उसके ग्राहकों तक पहुंचाया गया।