4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स के जरिए बढ़े फिशिंग के मामले, आप भी रहे सावधान

रिपोर्ट के अनुसार, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे इंस्टेंट मोबाइल मैसेजिंग एप्स के जरिए फिशिंग हमलों का सामना कर रहे शीर्ष तीन देशों में भारत भी शामिल है।

2 min read
Google source verification
whatsapp_telegram.png

लोगों के बीच व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसी मैसेजिंग ऐप्स बहुत पॉपुलर हैं। वहीं एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि मैसेजिंग ऐप्स के जरिए यूजर्स फिशिंग अटैक का सामना कर रहे हैं। कैस्परस्की इंटरनेट सिक्योरिटी फॉर एंड्रॉयड की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे इंस्टेंट मोबाइल मैसेजिंग एप्स के जरिए फिशिंग हमलों का सामना कर रहे शीर्ष तीन देशों में भारत भी शामिल है। रिपोर्ट में जारी किए आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2020 से मई 2021 के बीच के बीच हैकर्स ने व्हाट्सएप के जरिए 89.6 फीसदी, 5.6 फीसदी टेलीग्राम से और 4.7 फीसदी फिशिंग अटैक को वाइबर से अंजाम दिया।

स्कैमर्स का पंसदीदा टूल बने मैसेजिंग ऐप
रिपोर्ट के अनुसार इन दिनों मैसेजिंग ऐप्स दुनियाभर के स्कैमर्स का पंसदीदा टूल बन गए हैं। वे मैसेजिंग ऐप्स पर लोगों को मैलेशियस लिंक भेजते हैं और उन्हें ठगते हैं। इसकी वजह यह है कि ये मैसेजिंग ऐप्स लोगों के बीच काफी पॉपुलर हैं और करोड़ों लोग इनका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में स्कैमर्स इन ऐप्स के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं। इस मामले में मैसेजिंग ऐप वाइबर तीसरे नंबर पर है। वाइबर के जरिए 4.7 फीसदी फिशिंग अटैक किए गए। वहीं हैंगआउट में यह एक फीसदी से भी कम था।

यह भी पढ़ें— इन 9 एंड्रॉयड ऐप्स से रहे सावधान, चुरा रहे हैं यूजर्स के फेसबुक की लॉगइन आईडी और पासवर्ड

व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर शेयर किए लिंक्स
रिपोर्ट के अनुसार, कास्परस्की टीम ने दिसंबर 2020 से मई 2021 के बीच विश्व स्तर पर 91,242 डिटेक्शन दर्ज किए। व्हाट्सएप पर इसका प्रतिशत सबसे ज्यादा था। इसमें सबसे ज्यादा मामले रूस में दर्ज किए गए। रूस में 56 फीसदी, भारत में 6 फीसदी और तुर्की में 4 फीसदी रहा। व्हाट्सएप पर हैकर्स ऐसे लिंक्स शेयर करते थे, जिसमें वेबसाइट के लिंक्स होते हैं जो दिखने में असली जैसे लगते हैं। साथ ही हाइपर लिंक्स होते है, जिनमें स्पैलिंग मिस्टेक होती हैं। जब यूजर इन लिंक्स पर क्लिक करते हैं तो वह यूजर को दूसरी जगह ले जाते हैं और यूजर्स स्कैमर्स के जाल में फंस जाते हैं।

यह भी पढ़ें— एंड्रॉयड यूजर्स के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं ऐसे ऐप्स, हो सकते हैं हैकिंग के शिकार

क्या होता है फिशिंग अटैक
फिशिंग इंटरनेट पर धोखाधड़ी का वह तरीका है, जिसमें फर्जी ईमेल और मैसेज के जरिये यूजर से संवेदनशील जानकारियां पाने की कोशिश की जाती है। अक्सर लॉटरी या इनाम मिलने, क्रेडिट कार्ड के पॉइंट के बदले कैश पाने जैसे संदेशों के जरिये यूजर को लुभाने की कोशिश की जाती है। ऐसे में यूजर्स को इनसे सावधान रहने की जरूरत है। यूजर्स को अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से बचना चाहिए।