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नागिन ही नहीं, कौवे भी लेते हैं बदला! इनसे पंगा मतलब खानदानी दुश्मनी, 17 साल तक नहीं भूलते ये चेहरा

कौवों की याददाश्त: आइए, आज के इस लेख में कौवों के व्यवहार और उनकी याददाश्त से जुड़े एक अनोखे सच के बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Crows Facial Recognition

Crows Facial Recognition: image credit gemini

Crows Facial Recognition: टीवी सीरियल और फिल्मों के अलावा आपने कभी ना कभी कहानियों में या लोगों को यह कहते तो जरूर सुना होगा कि नागिन बदला लेती है, लेकिन क्या आपने कभी यह सुना है कि कौवे भी बदला लेते हैं? सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन हकीकत यह है कि कौवों से पंगा लेना आपको भारी पड़ सकता है। ये सिर्फ पक्षी नहीं हैं, बल्कि ऐसे जासूस हैं जो आपका चेहरा 17 साल तक याद रख सकते हैं। इसके साथ ही ये आपके खिलाफ पूरी क्रो कम्युनिटी को भड़काने की ताकत भी रखते हैं। आइए आज के इस लेख में कौवों के इस बर्ताव के बारे में विस्तार से जानते हैं।

याददाश्त ऐसी कि कंप्यूटर भी फेल हो जाए

इंस्टाग्राम चैनल @jungle_speak_by_aarzoo पर शेयर किए गए एक वीडियो के अनुसार, University of Washington के एक एक्सपेरिमेंट में यह साबित हो चुका है कि कौवों की याददाश्त काफी अच्छी होती है। वैज्ञानिकों ने एक खास मास्क पहनकर कुछ कौवों को ट्रैप किया। सालों बाद भी, जब कोई वह मास्क पहनकर बाहर निकलता, तो कौवे उसे पहचान लेते और उस पर चिल्लाना या हमला करना शुरू कर देते। सबसे हैरान करने वाला बात ये थी कि जिन कौवों को कभी पकड़ा ही नहीं गया था, वे भी उस चेहरे पर हमला करने लगे। इसका सीधा मतलब है कि कौवे आपस में बहुत बातें करते हैं और सोशल लेवल पर जानकारी शेयर करते हैं कि कौन सा इंसान उनके लिए खतरा है।

दुश्मनी जो पीढ़ियों तक चलती है

कौवों की यह नफरत सिर्फ एक कौवा अपने तक सीमित नहीं रखता। यह सोशल लर्निंग उनके बच्चों और फिर उनके बच्चों तक जाती है। यानी अगर आपने आज किसी कौवे को परेशान किया है, तो हो सकता है कि सालों बाद उसका पोता भी आपको देखकर काईं-काईं करने लगे और अपने साथियों को बुला ले। इनके लिए बदला एक खानदानी विरासत की तरह है।

मौत के बाद की इन्वेस्टिगेशन

अक्सर आपने देखा होगा कि जब कोई कौवा मरता है, तो वहां बहुत सारे कौवे इकट्ठा हो जाते हैं। लोग इसे शोक सभा समझते हैं, लेकिन असल में यह एक तरह की डेथ इन्वेस्टिगेशन होती है। वे सब मिलकर यह चेक करते हैं कि उनके साथी की मौत कैसे हुई। वे वहां मौजूद खतरे को भांपते हैं ताकि बाकी कौवा समाज उस गलती को न दोहराए और खुद को सुरक्षित रख सके।

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