
नहीं सुनाई देती कांव-कांव (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: कौवे, जो कभी हमारे घरों और खेतों में आम दृश्य थे, अब लगभग विलुप्त होने की कगार पर हैं। ये पंक्षी सिर्फ हमारे घरों की मुंडेर पर बैठकर अतिथि के आगमन की सूचना देने या पितरों के श्राद्ध में भाग लेने तक सीमित नहीं थे। इनकी उपस्थिति पारिस्थितिकी तंत्र और कृषि के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण थी।
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